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कुदरत ने छीना किसानों का निवाला

Fri, 27 Mar 2015 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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कुदरत के कहर से किसान बेहाल है। पहले सूखा फिर बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया। आलम यह है कि कहीं खेतों मेें फसल बिछ गई हैं, तो कहीं पर गेहूं की बाली में दाना तक नहीं निकल रहा। इससे किसान चिंतित है कि साल भर वह किस तरह से गुजारेगा करेगा हैरत की बात है कि शासन के फरमान के बावजूद किसानों को अभी तक कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
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किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने से अब उन्हें बैंक और महाजनों का ऋण भरना भी मुश्किल होगा। पंच नदियों से घिरे कटियारी क्षेत्र के किसानों को कभी बाढ़ तो कभी सूखे ने बर्बाद किया। बीते साल हुई नुकसान की भरपाई अभी हुई नहीं थी कि इस साल बेमौसम बारिश ने तहसील क्षेत्र की करीब 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खड़ी फसल को भी बर्बाद कर दिया।

किसानों की माने तो उनके खेतों में 50 फीसदी, गेहूं, सरसों व मटर आदि की फसल खराब हुई है, पर तहसील प्रशासन को मिली रिपोर्ट मेें बमुश्किल 20 फीसदी नुकसान होना बताया गया, पर शासन के आदेश पर डीएम ने प्लाट टू प्लाट सर्वे के निर्देश एसडीएम को दिए।
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यह रिपोर्ट तो दो दिन में सामने आएगी, पर सूत्रों के अनुसार 25 से 49 फीसदी के बीच फसलोें का नुकसान होना बताया जा रहा है। उधर, हरपालपुर ब्लाक के गांव क करा, चाऊपुर बेहटा हरियापुर, बारी, बड़ागांव स्थित खेतों में बोई गई फसल में बाली तो निकली, पर उसमें दाना नहीं पड़ा।

किसानों की माने तो करीब 800 बीघा खेतों में कृषि बीज भंडार से बीज लेकर गेहूं बोया था, पर अब जो फसल खेतों में बची है उसकी बाली में दाना नहीं है। इस समस्या से क्षेत्र के करीब 200 किसान प्रभावित हैं। क्षेत्र के किसान फसल को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।

उनका कहना है कि अब उनका गुजारा कैसे होगा। काश्तकार प्रमोद कुमार, मुन्ना सिंह, छोटे यादव, कश्मीर यादव आदि किसानों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। कृषि बीज भंडार के प्रभारी दशरथ सिंह यादव ने बताया कि सूचना पर सर्वे करा जांच रिपोर्ट अफसरों को भेजी गई है।

उधर, बीते साल जिला सूखाग्रस्त होने के बावजूद क्षेत्र के किसानों को राहत के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं मिली। बताया गया कि सूूखे में 50 फीसदी फसल प्रभावित होनी चाहिए थी, पर सरकारी आंक ड़ों में क्षेत्र में बमुश्किल 25 से 30 फीसदी फसल प्रभावित होना बताया गया था।

अबकी सरकार के नजरें इनायत होने पर उम्मींद है कि किसानों के घावों पर राहत का मलहम लग सकेगा। उधर, भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष गवर्नर सिंह यादव का कहना है कि फसलों की लागत के लिए लिया गया कृषि ऋण ब्याज समेत माफ किया जाए।
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उन्होंने बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा न हुआ तो भाकि यू आंदोलन करेगी।
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