फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: 91 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को पीएमएवाई की जागी उम्मीद

Mon, 01 Sep 2025 11:01 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
विज्ञापन
विज्ञापन
- पीएमएवाई ग्रामीण : सर्वे में 65,814 ग्रामीणों ने स्वयं से और 68,315 परिवार कर्मचारियों ने किए थे चिह्नित
विज्ञापन

- सत्यापन में 1,34,129 में से प्रारंभिक तौर पर 91,142 परिवार पात्रता की श्रेणी में मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांव के जरूरतमंद बेघर परिवारों को प्रधानमंत्री आवास दिए जाने के आवेदनों के सत्यापन पर सोमवार को विराम लग गया। आवास के लिए हुए सर्वे में स्वयं से 65,814 और कर्मचारियों के सर्वे में 68,315 परिवार चिह्नित हुए थे। उन परिवारों का सत्यापन कराते हुए डाटा आवास प्लस पोर्टल पर फीड कराया गया है। सत्यापन में कुल 1,34,129 परिवारों में से प्रारंभिक तौर पर 91,142 परिवार पात्रता की श्रेणी में चिह्नित हुए है। जिससे उन परिवारों को अपना मकान मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को दोबारा से शुरू किए जाने के लिए भारत सरकार ने आवास प्लस पोर्टल के माध्यम से सर्वे कराया था। जिसमें आमजन को भी स्वयं से सर्वे में शामिल होने का मौका मिला था।सर्वे के दौरान जिले में 1,34,129 परिवारों का डाटा आवास प्लस पोर्टल पर फीड हुआ था। जिसमें से स्वयं से 65,814 परिवारों ने खुद को आवासहीन बताते हुए आवास की मांग की थी। वहीं कर्मचारियों की तरफ से किए गए सर्वे में 68,315 परिवार आवासहीन श्रेणी में चिह्नित किए गए। अधिकारियों-कर्मचारियों की तरफ से किए गए सत्यापन में प्रारंभिक तौर पर कुल 91,142 परिवार पात्रता की श्रेणी में मिले हैं। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की तरफ से बताया गया कि स्वयं से आवास की मांग करने वाले 65,814 परिवारों में 29,888 परिवार पात्रता की श्रेणी में आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
यह प्रारंभिक सत्यापन है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की तरफ से सर्वे में चिह्नित और खुद आवास मांगने वाले परिवारों के सत्यापन की व्यवस्था दी गई थी। सत्यापन पूरा करा लिया गया है। करीब 268 परिवारों का सत्यापन नहीं हो पाया है। प्रारंभिक सत्यापन में पात्रता की श्रेणी में मिले परिवारों का विवरण आवास प्लस पोर्टल पर फीड कराया गया है। अब अगली प्रक्रिया में कमेटी और जिला स्तरीय अधिकारियों की तरफ से पात्रता की जांच की जाएगी, जिसके बाद पात्रों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
अशोक कुमार मौर्या, परियोजना निदेशक डीआरडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें