पाली। प्रसूता काे उसके गांव छोड़ने जा रही एंबुलेंस से मोपेड हल्की सी टकरा गई। इसको लेकर मोपेड सवार युवक के साथियों ने जमकर हंगामा किया।
पीएचसी परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और एंबुलेंस का शीशा तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया। पांच लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात लोगों पर मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया।
शाहजहांपुर जनपद के कलान थाना क्षेत्र के मोती नगला गांव निवासी ओवेंदर पाली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की 102 एंबुलेंस सेवा के चालक हैं। गुरुवार की सुबह साढ़े 10 बजे वह सहयोगी अजय सिंह के साथ एक प्रसूता को एंबुलेंस से उसके गांव मेहंदीपुर छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में एक मजार के पास एंबुलेंस से एक मोपेड मामूली टकरा गई। इस पर मोपेड सवार शोएब को हल्की चोटें आईं, तो उसके साथी हंगामा करने लगे।
इस पर ओवेंदर ने दूसरी एंबुलेंस मंगाकर शोएब को पीएचसी भेजा और खुद भी वापस पीएचसी आ गया। इसी दौरान शोएब के साथी कस्बे के ही कुछ युवक हंगामा करते हुए पीएचसी में घुस आए और तोड़फोड़ करने लगे। गाली गलौज करते हुए इन लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। इससे अफरा तफरी मच गई। स्वास्थ्य और एंबुलेंस कर्मियों ने खुद को अलग-अलग कमरों में बंद कर जान बचाई और जानकारी पुलिस को दी।
प्रभारी निरीक्षक अरविंद राय मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे और मौके से तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। ओवेंदर की तहरीर पर कस्बा निवासी मुन्ना व उसके भाई, जुबैर, फारूख, जुनैद व अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने आदि की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।