- श्रम और सामग्री का 1.63 अरब का हुआ बकाया
- चालू वित्तीय वर्ष में भुगतान की जागी उम्मीद, भारत सरकार ने दिया बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जॉब कार्डधारकों को गांवों में रोजगार दिए जाने और निर्माण कराने वाली मनरेगा में नवंबर से श्रमिकों को मजदूरी नहीं मिल पाई है। ऐसे ही सितंबर से सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों को भुगतान नहीं मिल पाया है। जिले में मनरेगा का मजदूरी और सामग्री मद में मिलाकर करीब 1,63,21,42,000 रुपये की देनदारी हो गई है।
मनरेगा में मांग आधारित काम और रोजगार दिए जाने की व्यवस्था है। जॉब कार्डधारक परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार दिए जाने की गारंटी है और जिसे पूरा कराने के लिए शासन स्तर से दबाव भी रहता है। मनरेगा में जिले में श्रमिकों को रोजगार दिए जाने में पिछले वित्तीय वर्ष लक्ष्य से अधिक पूर्ति की गई है।
मनरेगा की परियोजनाओं पर निर्माण के लिए सामग्री की भी आपूर्ति ली गई है। श्रम रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि मजदूरी और सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों की करीब 1,63,21,42,000 रुपये देनदारी हो गई है। जिसका भुगतान होना है, हालांकि कार्यक्रम अधिकारियों ने मजदूरी भुगतान और सामग्री मद में भुगतान के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली हैं, लेकिन नोडल खाता में रुपया न होने से भुगतान नहीं हो सका है।
बताया कि मजदूरी मद में करीब 70,00,00,000 रुपये देनदारी है, जबकि सामग्री मद में 93,21,42,000 रुपये का बकाया है। इस वित्तीय वर्ष में भुगतान की आस है। भारत सरकार ने प्रदेश के लिए 23,43,80,58,000 रुपये आवंटित किए हैं। जिसकी जानकारी मिली है, करीब एक सप्ताह में यह रुपये नोडल खाता से राज्य के नोडल खाता में आ जाएंगे। उसी के बाद शासन से भुगतान के लिए पोर्टल को खोला जाएगा।