ककराली में पहतोइया के जिम्मेदारों द्वारा बनवाई गई सड़क। संवाद
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हरदोई। मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में गड़बड़ी के नए मामले सामने आ रहे हैं। संडीला विकास खंड की एक ग्राम पंचायत ने दूसरे गांव में मनरेगा से कार्य करा दिया और इसका भुगतान भी कर दिया। अब पूरे मामले में जिम्मेदार लीपापोती कर रहे हैं।
संडीला विकास खंड अंतर्गत ककराली में भरिगहना डामर रोड से नहर पुलिया तक चकरोड का निर्माण कराया गया है। कुल तीन लाख पांच हजार रुपये की इस परियोजना के सापेक्ष दो लाख चार हजार रुपये का भुगतान भी अभी तक हो चुका है। हकीकत ये है कि ग्राम पंचायत पहतोईया के जिम्मेदारों ने पड़ोसी ग्राम पंचायत ककराली में कार्य कराया है और इसका भुगतान भी कर दिया। कार्यस्थल पर लगाए गए सिटीजन इंफर्मेशन बोर्ड को देखकर इसकी सूचना गोपनीय रूप से उच्चाधिकारियों को दी गई है।
ये है नियम
नियमत: ग्राम पंचायत अपने ही क्षेत्र में निर्माण या विकास कार्य पर मनरेगा का बजट खर्च कर सकती है, लेकिन यहां दूसरी ग्राम पंचायत में जाकर कार्य करा दिया गया।
तो अभिलेखों में हुई छेड़छाड़
मनरेगा के तहत जब कोई कार्य कराया जाता है तो उसका पूरा ब्योरा ऑनलाइन भी दर्ज होता है। कार्यस्थल की जीओ टैगिंग होती है। मौके पर जाकर तकनीकी सहायक को स्थलीय आख्या भी देनी होती है। इसके बावजूद ये नहीं देखा गया कि निर्माण कार्य दूसरी ग्राम पंचायत में हो रहा है।
वर्जन
मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि अभी तक प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अब पता चला है तो विस्तृत जांच करा लेंगे। अगर ऐसा हुआ है तो ये गलत है और जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।