हरदोई। एमएलसी निर्वाचन स्थानीय निकाय क्षेत्र हरदोई के लिए सोमवार को नामांकन करने की अंतिम तिथि है। अभी तक सिर्फ पूर्व जिला पंचायत सदस्य रजीउद्दीन ने नामांकन कराया है।
रजीउद्दीन सपा के इस सीट से वर्तमान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मिस्बहाउद्दीन के पुत्र हैं। भाजपा ने कछौना के पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक अग्रवाल को टिकट दिया है। वह सोमवार (21 मार्च) को अपना नामांकन कराएंगे।
इसके अलावा अभी तक किसी भी अन्य प्रत्याशी के चुनावी मैदान में उतारने की सुगबुगाहट तक नहीं है। राजनीति के पंडित भी दो प्रत्याशियों के बीच जंग का अनुमान लगा रहे हैं।
मिस्बहाउद्दीन और भाजपा प्रत्याशी अशोक अग्रवाल एक जमाने में सियासी मित्र रहे हैं। मिस्बहाउद्दीन की सियासी दोस्ती अशोक अग्रवाल के बड़े भाई पूर्व एमएलसी राजकुमार अग्रवाल के साथ भी रही है, लेकिन यह दोस्ती टिकी नहीं।
पिछले एमएलसी चुनाव में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। इसमें सपा प्रत्याशी के रूप में मिस्बहाउद्दीन ने जीत दर्ज की थी और भाजपा प्रत्याशी के रूप में राजकुमार अग्रवाल चुनाव हार गए थे।
राजकुमार 2017 के विधानसभा चुनाव में संडीला से भाजपा विधायक चुने गए थे। दलबदल की राजनीति में कब कौन सियासी दोस्त या दुश्मन हो जाएं, कुछ नहीं कहा जा सकता है।
एक बार फिर जिले में सियासत की फिजा बदल चुकी है। विधानसभा चुनाव के बाद होने जा रहे एमएलसी चुनाव में भी यह सियासी दुश्मनी आमने-सामने है।
इस एमएलसी सीट पर राजकुमार अग्रवाल राजिया, अब्दुल हन्नान एमएलसी रह चुके हैं। मिस्बहाउद्दीन सपा से वर्तमान एमएलसी हैं। पिछले तीन चुनावों से इस सीट पर संडीला एवं कछौना क्षेत्र के रहने वाले सियासतदारों का कब्जा बना हुआ है।
तो चेहरे के साथ बदलेंगे हालात
सपा ने मिस्बहाउद्दीन के बेटे और भाजपा ने राजकुमार के छोटे भाई अशोक अग्रवाल को टिकट दिया है।
सियासी पंडितों का मानना है कि मिस्बहाउद्दीन और राजकुमार अग्रवाल के बीच पहले से ही चल रही सियासी दुश्मनी की आंच को ठंडा करने के लिए अशोक के पुराने रिश्ते काम आ सकते हैं।
यदि ऐसा हुआ तो फिर चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है। हालांकि, इन संभावनाओं एवं अटकलों को दोनों पक्षों की ओर से खारिज किया जा रहा है। सियासी जानकार कहते हैं कि राजनीति में संभावनाएं कभी समाप्त नहीं होतीं। सियासी दुश्मनी फिर से दोस्ती में बदल जाए तो आश्चर्य नहीं होगा।
अशोक बोले, बड़े भाई का मिलेगा आशीर्वाद
अशोक ने कहा कि वह बड़े भाई राजकुमार का आशीर्वाद लेने उनके घर पर जाएंगे। जब वह ब्लाक प्रमुख बने थे तब भी आशीर्वाद लिया था। उम्मीद है कि बड़े भाई नामांकन में साथ आएंगे।
गौरतलब है कि भाजपा से टिकट मांग रहे राजकुमार की मांग को खारिज कर अशोक को टिकट मिला है। इससे बड़े भाई के समर्थकों में निराशा है। राजकुमार ने खुद कहा था कि राजनीति में कोई किसी का नहीं होता है।