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Hardoi News: सुरक्षा और संरक्षण का भरोसा देने परियल पहुंची मंत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष

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फोटो-42-लालाराम राजपूत के परिजनों से बात करतीं उच्च ​शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी और भाजपा जि
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हरदोई। शाहाबाद के परियल में बीते सोमवार की शाम हुए विवाद में एसडीएम के घायल होने का मामला अब ठंडा पड़ने लगा है। पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज न होने को लेकर चर्चाओं का दौर तो है, लेकिन प्रशासनिक और पुलिस अफसर इस पर कोई भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। इस सबके बीच उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन के साथ बुधवार शाम परियल पहुंचीं। देानेां नेताओं ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद कहा कि माहौल खराब न हो, यह सबकी जिम्मेदारी है। बाकी संगठन और जनप्रतिनिधि मजबूती से ग्रामीणों के साथ हैं।
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बीते सोमवार शाम एसडीएम शाहाबाद सुशील मिश्रा निरीक्षण करने परियल गांव गए थे। यहां पूछताछ करने पर जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत और प्रधान शिवरानी के पुत्र उदयवीर से विवाद हो गया था। मामला शांत होने के बाद दोबारा भड़के ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था। पथराव में एसडीएम घायल हो गए थे। इसके बाद कानून व्यवस्था संभालने पहुंची पुलिस को देखकर गांव के ज्यादातर लोग इधर उधर चले गए थे। उपजिलाधिकारी के पथराव में घायल होने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन परियल गांव में भी सन्नाटा पसरा रहा। बुधवार शाम उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी और जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन गांव पहुंचे।
जिलापंचायत सदस्य लालाराम राजपूत, उनकी पत्नी शिवरानी समेत ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछा। दोनों नेताओं ने भरोसा दिलाया कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा। ग्रामीणों को सुरक्षा और संरक्षण का भरोसा दिलाते हुए दोनोंं नेताओ ने ग्रामीणों से गांव में ही रहने के लिए कहा। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी अफवाह में न पड़ें। माहौल खराब न हो। इसकी जिम्मेदारी सबको मिलकर उठानी होगी। इस दौरान शाहाबाद प्रधान संघ के अध्यक्ष शरद सिंह भाजपा के जिला महामंत्री सतेंद्र राजपूत, अनिल पांडेय,नवनीत गुप्त के अलावा सीओ हरियावां अजीत चौहान भी मौजूद रहे।
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... और अब सोशल मीडिया पर खिंच रहा पाला
एसडीएम के घायल होने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज न होने को लेकर सोशल मीडिया पर पाला खिंच रहा है। पूरी घटना को कभी कार्यकर्ता बनाम प्रशासन दर्शाने की कवायद हो रही है तो कभी यह जातिगत आधार पर ताकत मूल्यांकन के रूप में दिखाई जा रही है। जमीन पर फिलहाल बहुत कुछ नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर फिलहाल यही मुद्दा गर्म है।
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