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Hardoi News: नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त को 10 साल की सजा

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हरदोई। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले एक शख्स को दोषी करार देते हुए विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट मनमोहन सिंह ने 10 साल की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर बीस हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं।
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बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री कोतवाली शहर क्षेत्र के एक गांव में अपने ननिहाल गई थी। तीन अप्रैल 2016 को उसकी पुत्री दुकान पर सामान लेने गई थी। इसी बीच गांव का ही जीशान उसकी पुत्री को बहलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म भी किया था। अगले दिन पुत्री को गांव छोड़ गया था और धमकी दी थी अगर कहीं शिकायत की तो जान से मार डालेगा। इस घटना की प्राथमिकी छह अप्रैल 2016 को कोतवाली शहर में दर्ज हुई थी। पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी कराए थे।
प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस जीशान को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। 20 अप्रैल 2016 को उसकी पुत्री गांव के बाहर शौच करने गई थी। वहां से जीशान ने उसे दोबारा चाकू दिखाकर धमकाया था। बहलाकर अपने साथ ले गया था। इस संबंध में पीड़िता की मां ने हत्या करने की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था। अभियुक्त का पता न चलने पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। घटना के करीब पांच माह बाद पुलिस ने अभियुक्त व पीड़िता को पकड़ा था। मेडिकल में पीड़िता दो माह की गर्भवती मिली थी। अभियोजन की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 11 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने सजा सुनाई है।
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नाबालिग की सहमति कानून की नजर में शून्य : अपर जिला जज



अपर जिला जज मनमोहन सिंह ने कहा कि मामले में साक्ष्य से यह सिद्ध है कि पीड़िता और दोषी के बीच प्रेम संबंध थे। पीड़िता दोषी से विवाह करना चाहती थी। इसी के चलते पीड़िता दोषी के साथ चली गयी थी। दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने, जिस कारण पीड़िता गर्भवती हो गयी थी, लेकिन कानून की नजर में नाबालिग की सहमति शून्य होती है। यही कहते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई है।
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