हरदोई/मल्लावां। मल्लावां कोतवाली पुलिस की लापरवाही एक युवक की जान पर भारी पड़ गई।
युवक की गुमशुदगी का मामला कोतवाली पुलिस हल्के में लेती रही और अब उसका शव बरामद हुआ है। बीते रविवार से लापता फार्मासिस्ट का शव उसके दो दोस्तों की निशानदेही पर मंगलवार आधी रात के बाद मिला। हरदोई-उन्नाव मार्ग स्थित एक आश्रम के पास यूकेलिप्टस के बाग में फार्मासिस्ट का शव मिला। दो गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी। खाने-पीने के दौरान हुए विवाद के बाद हत्या किए जाने और मामले में मृतक के विरोधियों को फंसाने के लिए फिरौती के संदेश भेजे जाने की बात सामने आई है।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के अटवारा चकोला के मजरा गुलबहा निवासी विनोद कुमार (27) फार्मासिस्ट थे। उन्नाव जनपद के गंजमुरादाबाद में उनकी क्लीनिक है। परिजनों के मुताबिक रविवार सुबह वह क्लीनिक जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन क्लीनिक नहीं पहुंचे। रविवार शाम लगभग छह बजे विनोद के मोबाइल से उसके भाई विनय के मोबाइल पर संदेश भेजा गया था। इसमें लिखा था कि चार लोगों ने मिलकर गोली मार दी है, मुझे बचा लो। देर रात ही विनय ने पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस ने मोबाइल पर मिले संदेशों के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। परिजनों से बात की गई तो उन्होंने कुछ और लोगों के नाम बताए। इन लोगों की मोबाइल कॉल डिटेल पुलिस ने निकाली तो संदेह के आधार पर विनोद के दोस्त विशाल उर्फ भाईजी और गांव के ही अंकित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद मंगलवार आधी रात दोनों की निशानदेही पर विनोद का शव बरामद हुआ। शव के पास से एक तमंचा, तीन कारतूस, एक खोखा और मृतक का मोबाइल भी बरामद किया गया है।
उन्नाव का मामला बताकर रिपोर्ट दर्ज करने से पल्ला झाड़ती रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन के सख्त आदेश हैं कि किसी भी मामले में रिपोर्ट तत्काल दर्ज की जाए। इसके बाद भी फार्मासिस्ट की गुमशुदगी का मामला दर्ज करने में मल्लावां कोतवाली पुलिस ने जमकर लापरवाही की। दरअसल, रविवार शाम 6:19 बजे फार्मासिस्ट के माेबाइल पर संदेश आया तो यूपी 112 पर सूचना दी गई। भाई विनय ने सोमवार को पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही आठ लोगों पर रंजिश में गायब करने का आरोप लगाया था। तब मल्लावां कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल उन्नाव का बताकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इसके बाद विनय ने एसपी नीरज जादौन से शिकायत दर्ज कराई। एसपी की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आई और तब कार्रवाई शुरू हुई। अगर मल्लावां कोतवाली पुलिस शुरूआत से ही गंभीरता दिखाती तो शायद फार्मासिस्ट की जान बच जाती।
मल्लावां पुलिस समझती रही पेशबंदी का मामला
फार्मासिस्ट के भाई के मोबाइल पर संदेश आने के बाद मल्लावां कोतवाली पुलिस ने अगले दिन सोमवार को पड़ताल शुरू की। इस दौरान पता चला कि गांव के ही रामरतन ने फार्मासिस्ट के खिलाफ मारपीट का मामला वर्ष 2023 में दर्ज कराया था। इस मामले में फार्मासिस्ट विनोद के खिलाफ न्यायालय ने समन जारी किया था। 18 नवंबर सोमवार को फार्मासिस्ट की पेशी होनी थी, लेकिन उससे पहले ही वह लापता हो गया। पुलिस यही मानती रही कि पेशबंदी का मामला है और संदेश भी खुद विनोद ही भेज रहा है।
विनोद के मोबाइल से ब्रजेश ने भेजे थे संदेश, विरोधियों को फंसाने की थी साजिश
पुलिस का दावा है कि विनोद के फोन से हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए ब्रजेश ने संदेश भेजे थे। इन संदेशों में गांव के उन लोगों का नाम लिखा गया था, जिनसे विनोद की रंजिश थी। कुल 11 नाम लिखे गए थे। इनमें गांव की एक युवती का नाम भी शामिल है। युवती की गोद भराई भी सोमवार को ही थी। युवती के भाई का जिक्र कर उसी के द्वारा सुपारी दिए जाने और फिर फोन न उठाए जाने का उल्लेख भी संदेश में किया गया था। यहां तक कि युवती के भाई को देने और तीन लाख रुपये देकर शव ले जाने की बात कही गई थी। खास बात यह है कि विनोद का विवाद रामरतन से चलता था और हत्यारोपी विशाल रामरतन का ही भतीजा है, लेकिन उसकी दोस्ती विनोद से थी।
सर्विलांस की मदद से खुली घटना
घटना का खुलासा करने के लिए एसपी नीरज जादौन ने एसओजी के प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश मिश्रा को लगाया था। उनके साथ सर्विलांस टीम भी लगाई गई थी। ब्रजेश ने जब मृतक के मोबाइल को सर्विलांस पर लगवाया और सीडीआर निकलवाई तो विशाल के साथ बातचीत लगातार मिली। मोबाइल पर संदेश आने से कुछ देर पहले भी फार्मासिस्ट और ब्रजेश के बीच बात हुई थी। इस पर पुलिस ने मंगलवार शाम ब्रजेश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। घटना के बाद ब्रजेश और रामरतन के बीच भी बातचीत हुई है। इसके चलते रामरतन को भी घटना में आरोपी बनाया गया है।
खाने पीने के दौरान हुए विवाद के बाद फार्मासिस्ट की गोली मारकर हत्या उसके दोस्तों ने की थी। यह जांच भी कराई जा रही है कि जिस युवती की गोदभराई थी, उसके नाम का इस्तेमाल संदेशों में क्यों किया गया। मल्लावां कोतवाली पुलिस की लापरवाही को लेकर भी जांच के आदेश दिए गए हैं। गुमशुदगी में गांव के ही ज्वाला, अश्वनी, प्रिंस, विकास, विशाल उर्फ भाईजी, बउआ उर्फ संतोष और संदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। इनमें जिन जिन की संलिप्तता मिलेगी उन सबको जेल भेजा जाएगा। -नीरज कुमार जादौन, एसपी