फोटो- 17- सीएचसी सवायजपुर में जानकारी लेते नोडल अधिकारी राजेंद्र सिंह। संवाद
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सवायजपुर। सीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे शासन से नामित नोडल अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र में सर्जन और आवश्यक उपकरण न होने पर चौंक गए। उन्होंने कहा कि ये कैसा अस्पताल है, जहां न एक्सरे मशीन है और न अल्ट्रासाउंड का इंतजाम। उन्होंने इसकी विस्तृत आख्या शासन को भेजने की बात कही है।
जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं और कोरोना से निपटने को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर निगाह रखने के लिए शासन ने कृषि उत्पादन आयुक्त के कार्यालय में तैनात विशेष सचिव राजेंद्र सिंह को जिले का नोडल अफसर बनाया है। रविवार दोपहर राजेंद्र सिंह सीएचसी सवायजपुर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर एक्सरे मशीन दिखाने को कहा तो उन्हें बताया गया कि मशीन नहीं है। इस पर उन्होंने अल्ट्रासाउंड मशीन के बारे में पूछा तो डॉ. अजय यादव ने ये सुविधा भी न होने की बात कही। सीएचसी पर जनरेटर भी न होने की बात पर नोडल अधिकारी दंग रह गए। उन्होंने कारण पूछा तो चिकित्सकों ने चुप्पी साध ली। हद तो तब हो गई जब सर्जन भी तैनात न होने की बात पता चली। अभिलेखों से पता चला कि सुबह से 25 मरीज इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे, जबकि तीन प्रसव भी हुए। प्रसव को लेकर बताया गया कि स्टाफ नर्स इंद्रजीत कौर के सहारे यहां कार्य चल रहा है अन्य स्टाफ नर्स अवकाश पर बताईं गईं। नोडल अधिकारी ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है।