जिले के वर्षों पुराने नुमाइश मेला धीरे धीरे अपने शबाब पर पहुंचने लगा। जनवरी से शुरू होकर होली के एक दिन पूर्व तक रहने वाले नुमाइश मेला अब लगभग पूरा लग चुका है। लोगों केमनोरंजन के साधन भी जुट गए हैं जिनका लोगों ने लुत्फ लेना भी शुरू कर दिया।
गौरतलब हो कि जिलेवासियों को नुमाइश मेला का काफी इंतजार रहता है। जिले में मनोरंजन के साधनों का अभाव होने के कारण दो माह के लिए नुमाइश लगती है। जिले के दूर गांव से भी लोग प्राचीन नुमाइश मेले का आनंद लेने आते हैं जिसमें विभिन्न प्रकार के सर्कस, जादू और मौत का कुंआ जैसे खेलों से अपना मनोरंजन करते हैं तो झूले भी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को प्यारे हैं। जिनके लगते ही लोगों की भीड़ जुटने लगी है। एक बार फिर से लोग नुमाइश मेले में मनोरंजन के लिए पहुंचने लगे हैं।