दोस्ती का पैगाम लेकर आने वाला फ्रेंडशिप डे रविवार
को जिले भर में पूरे जोश और उत्साह के बीच मनाया गया। बच्चों से लेकर बड़ों
तक ने अपने-अपने तरीके से दोस्ती का पैगाम अपनों तक पहुंचाया। घरों से
लेकर रेस्तरां तक में हुई दोस्तों की पार्टियों में लोग यह कहते भी नहीं
थके कि किस्मत वालों को ही मिलती है पनाह दोस्तों के लिए, यू ही कोई शख्स
तो जन्नत का हकदार नहीं होता...।
युवाओं की नजरों से देखा जाए तो अगस्त
माह उनके लिए खास है। सावन तो उन्हें लुभाता ही है। साथ ही दोस्ती का दिन
उन्हें दोस्ती करने को भी उकसाता है। तभी तो बाजारों से लेकर कोचिंग,
रेस्तरां तक में इस दिन का बेसब्री से इंतजार हो रहा था। अगस्त माह के पहले
रविवार को मनाए जाने वाले फ्रेंडशिप डे को लेकर युवाओं और छात्राओं में
विशेष उत्साह देखने को मिला।
दुकानों पर लगने वाले हुजूम को देखकर साफ तौर
अनुमान लगाया गया कि रविवार को दोस्तों को देने के लिए तरह-तरह के गिफ्ट की
तलाश में युवा जुटे हुए दिखे। युवाओं की माने तो दोस्तों के लिए हर दिन एक
खास होता है और दोस्ती का अहसास दिलाने का यह दिन खास होता है।
सर्वविदित
है कि दोस्ती के लिए फ्रेंड के बीच मौज मस्ती बारह मास होती है, पर दोस्तों
के बीच यह दिन अपनी दोस्ती की एक मिसाल व दायरा देने के लिए काफी होती है। शायद
इसीलिए गिफ्ट कार्नरों पर युवाओं का हुजूम लगा रहा। इसके अलावा बुकें
कार्नरों पर भी खरीदारों की भीड़ लगी रही।
उधर, फ्रेंडशिप डे को लेकर
रविवार को बाजारों मेें रंगत दिखाई दी। खासतौर पर तो बैंडों की ही मांग
रही, पर इसके अलावा गिफ्ट्स की भी डिमांड रही। इनमें बधाई पत्रों से लेकर
टैडीबियरों तक की मांग होती रही। बिक्री को लेकर दुकानों पर इनको बखूबी
सजाया भी गया।
बाजारों में गिफ्ट्स की दुकानों में लड़कों के लिए रबड़,
मैग्नेेट, लेदर व पट्टे से बने बैंडों की बिक्री खूब हुई, जबकि लड़कियों के
लिए बीट्स, चैन, एल्फाबेटिकल बीट्स, रबड़ आदि मैटेरियल के बैंड मौजूद थे,
जिनकी मांग होती रही। इसके अलावा बधाई पत्रों से लेकर टैडीबियर आदि की भी
मांग खूब हुई जिनकी बिक्री की गई। इन सबके अलावा परफ्यूम, डीओ, चाकलेट,
कार्ड, चेन आदि की भी मांग रही।