फोटो- 05- जिला अस्पताल में बेटी की थर्मल स्क्रीनिंग कराता सर्वेश व उसका परिवार। संवाद
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हरदोई। लॉकडाउन में दिल्ली में बेरोजगार हुए जिले के मजदूर के पास परिवार चलाने के लिए जब कुछ न बचा तो उसने अपनी साइकिल बेच दी और उधार लेकर जुटाई रकम से परिवार सहित घर के लिए निकल पड़ा। ट्रक और डाले पर सफर कर रविवार सुबह हरदोई पहुंचने पर उसने राहत की सांस ली। जागरुकता का परिचय देकर पहले जिला अस्पताल जाकर स्क्रीनिंग कराई। जांच में स्वस्थ मिलने पर घर चला गया।
देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मम्मरपुरवा निवासी सर्वेश कुमार दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में मजदूरी करता था। उसके साथ पत्नी शांती देवी, पुत्री मनीषा और पुत्र वंश भी थे। सर्वेश ने बताया कि लॉकडाउन में मजदूरी मिलना बंद हो गई तो जैसे-तैसे परिवार चलाता रहा। कुछ लोगों से रुपये उधार लेकर भी काम चलाया, लेकिन लॉकडाउन बढ़ता ही गया। गत शुक्रवार को उसने दिल्ली में अपनी साइकिल 1500 रुपये में बेच दी और फिर एक परिचित से कुछ रुपये उधार लिए।
शुक्रवार को ही किसी तरह गाजियाबाद परिवार सहित पहुंचा और वहां से एक ट्रक पर सवार हो गया। ट्रक ने उसे शाहजहांपुर में रविवार सुबह उतार दिया तो फिर पुलिस कर्मियों के सहयोग से एक डाले पर परिवार सहित बैठकर हरदोई पहुंचा। हरदोई पहुंचकर वह सीधे जिला चिकित्सालय गया और परिवार की थर्मल स्क्रीनिंग कराई। इसके बाद सभी गांव मम्मरपुरवा चले गए। सर्वेश ने बताया कि दिल्ली से हरदोई तक आने में उसके 2600 रुपये खर्च हो गए।