हरदोई। 153 सरकारी विद्यालयों से खतरों की हाईटेंशन लाइन गुजरी है। इससे इन विद्यालयों के बच्चों और शिक्षकों को हादसों की आशंका सदैव बनी रहती है। गर्मियों में तार टूटने की घटनाओं में वृद्धि होती है। शासन ने विद्यालयों से बिजली लाइन हटवाए जाने की व्यवस्था दी है। बिजली विभाग ने लाइन शिफ्ट किए जाने के एवज में रुपयों की मांग की गई है। बजट के अभाव में काम भी नहीं हो पाया है।
बिजली लाइन बनाए जाने के समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जिले के 153 विद्यालय भवन की छत और परिसर से बिजली की हाईटेंशन लाइनें निकली हैं। कई विद्यालयों में तो लाइन ही नहीं, परिसर में ही ट्रांसफार्मर तक लगवा दिए गए हैं। इससे इन विद्यालयों में हर समय खतरा और हादसे की आशंका बनी रहती है। बजट के अभाव में परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से निकली बिजली लाइनें हट नहीं सकी हैं। शिक्षकों और बच्चों के सिर पर दौड़ रहे करंट और हादसे से बचने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली विभाग के अभियंताओं से लाइन शिफ्ट किए जाने के लिए पत्राचार किया। बिजली विभाग ने लाइन और ट्रांसफार्मर शिफ्ट किए जाने के एवज में बेसिक शिक्षा विभाग से रुपये मांगे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से लाइन और ट्रांसफार्मर शिफ्ट किए जाने के लिए एस्टीमेट मांगा गया। बिजली विभाग ने 153 में अभी तक 103 विद्यालयों के ही एस्टीमेट दिए हैं। इसमें 1,15,37,283 रुपये की मांग गई है, जबकि 50 विद्यालयों के एस्टीमेट आने बाकी हैं।
केस : एक
प्राथमिक विद्यालय बेहटा गोकुल के परिसर और भवन के ऊपर से हाईटेंशन और लो टेंशन बिजली लाइन गुजरी है। परिसर से सटाकर ही ट्रांसफार्मर भी रखा गया है। इससे हादसे की आशंका रहती है। परिसर से गुजरी बिजली लाइन को हटवाए जाने के लिए स्कूल को सूची में शामिल किया गया है, लेकिन अभी लाइन और ट्रांसफार्मर शिफ्ट नहीं हो पाए हैं।
केस : दो
विकास खंड बेहंदर के प्राथमिक विद्यालय खेरवा के परिसर में ही ट्रांसफार्मर लगा है। ट्रांसफार्मर के लगे होने से हाईटेंशन लाइन और लो टेंशन की कई लाइनें निकली हैं। इससे गर्मियों में हादसों की आशंका रहती है। बच्चों और शिक्षकों को करंट उतरने का खतरा बना रहता है। लाइन और ट्रांसफार्मर को हटवाए जाने के लिए विभाग ने स्कूल को चिह्नित किया है। अभी तक काम नहीं हो पाया है।
स्कूलों से गुजरी हाईटेंशन लाइन और स्थापित ट्रांसफार्मर को शिफ्ट कराए जाने के लिए बिजली विभाग से एस्टीमेट मांगा गया है। अभी तक 103 विद्यालयों में ही काम कराने के लिए बिजली विभाग ने एस्टीमेट दिया है। 1,15,37,283 रुपये की मांग बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक से की गई है, बजट अभी नहीं मिला है। विद्युत विभाग से बाकी 50 स्कूलों के भी एस्टीमेट मांगे गए हैं। रुपये मिलते ही बिजली विभाग को दिए जाएंगे, ताकि समय से काम कराया जा सके। -विजय प्रताप सिंह, बीएसए