हरदोई। कन्नौज को तो इत्र की नगरी कहा जाता है, लेकिन अब हरदोई की हवा में भी इत्र की महक घुलने लगी है। शहर के चांद बेहटा में एक युवा ने इत्र बनाना शुरू किया है। युवक का दावा है कि इत्र बनाने के लिए वह किसी मशीन का इस्तेमाल नहीं करते।
लखनऊ रोड स्थित बीएसएनएल टॉवर के सामने चांद बेहटा निवासी राघवेंद्र नाथ अनुरागी डाक विभाग में काम करते हैं। उनके बेटे प्रियांशु अनुरागी ने रसायन विज्ञान से बीएससी करने के बाद कन्नौज के फ्रेगरेंस एंड फेलेवर डेवलपमेंट सेंटर (एफएफडीसी) से डिप्लोमा किया है। इसके बाद उन्होंने कुछ दिन अमरोहा में नौकरी भी की, लेकिन दिसंबर 2023 में वापस आकर अपने घर में ही इत्र बनाना शुरू कर दिया। घर पर छोटी सी लैब तैयार कर वह 200 से अधिक वैरायटियां बना रहे हैं। प्रियांशू का दावा है कि वह ग्राहक की पंसद के अनुसार भी इत्र तैयार कर सकते हैं। उन्होंने दुनिया की महंगी इत्र में शुमार ऊद और मिट्टी का अतर भी बनाया है।
200 से ज्यादा खुशबू वाली इत्र की वैरायटी
हरदोई। प्रियांशु अनुरागी ने बताया कि वह खुद इत्र बनाते हैं। उनकी लैब में 200 से अधिक किस्मों की इत्र उपलब्ध हैं। इनमें गुलाब, चमेली, चंदन, मोगरा, शमामा, फ्रेंच वनीला, लाल चंदन, कोकोनट, केसर, इंडियन कस्तूरी और ऊद जैसी खुशबुओं वाले इत्र खास हैं। ऊद की बात करें तो यह दुनिया की सबसे महंगी इत्रों में से एक होती है, जो खास किस्म की लकड़ी, सेदार से निकलने वाले तेल से बनाई जाती है।
अमेरिका और लंदन में भी हो रही इत्र की बिक्री
हरदोई। प्रियांशु ने बताया कि उनके बनाए इत्र हरियाणा, साउथ इंडिया, कर्नाटक की कंपनियां खरीदतीं हैं और सप्लाई करती हैं। इसके अलावा उनकी एक बेवसाइट अनुरागी अरोमा नाम से है। इस पर इत्र के सभी उत्पाद अपलोड हैं। बेवसाइट के माध्यम से उनके पास अमेरिका और लंदन से भी आर्डर आ चुके हैं। सभी आर्डर भेजे गए हैं और उन्हें काफी अच्छा फीड बैक भी मिला है।