हरदोई। परिषदीय शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या के आधार पर शिक्षण योगदान अंक निर्धारित करने के निर्देश हैं जो शिक्षक समाज को अपमानित करने और काला कानून लागू करने जैसा है। इस आदेश को वापस लिया जाए।
गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट जंग बहादुर यादव को सौंपने के बाद उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री व जिलाध्यक्ष आलोक मिश्र ने यह बात कही है।
उन्होंने प्रदेश में संचालित परिषदीय विद्यालयों के कार्यों के निष्पादन के लिए लिपिक की नियुक्त किए जाने की मांग की है। अंतरजनपदीय स्थानांतरण से वांछित परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का स्थानांतरण शीघ्र किया जाए।
जिला मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि परिषदीय शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। इस मौके पर मांडलिक गिरीश दीक्षित, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. संदीप वर्मा, अनुराग पांडे, अनूप दीक्षित, आशीष दीक्षित, डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला, कमल किशोर कोहली मौजूद रहे।