हरदोई। खुद को कलक्ट्रेट का असलहा बाबू (शस्त्र लिपिक) बताकर विरासत का लाइसेंस मंजूर कराने का झांसा देकर विधि के छात्र ने एक शख्स से 10 हजार रुपये की ठगी कर ली। साइबर थाने में पूरे मामले की प्राथमिकी बृहस्पतिवार को दर्ज की गई। थाने की टीम ने 24 घंटे के अंदर ही लखनऊ निवासी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से नौ हजार रुपये और इस्तेमाल किया गया फोन भी बरामद हुआ है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के असिगांव निवासी शानू उर्फ हरीश्चंद्र के पिता वीरेंद्र सिंह के पास लाइसेंसी राइफल थी। वीरेंद्र सिंह का निधन हो चुका है। उनकी लाइसेंसी अपने नाम यानी विरासत कराने के लिए शानू ने आवेदन किया था। बीते पांच अक्तूबर को अनूप कुमार नाम के शख्स ने शानू को फोन किया। बताया कि वह असलहा बाबू है और उसकी विरासत का लाइसेंस करा देगा। छह अक्तूबर को उसने इसके एवज में 10 हजार रुपये मांगे। रुपये भेजने के लिए लखनऊ के बसंतखेड़ा के सरवन के जनसेवा केंद्र का नंबर दे दिया। शानू ने इस पर 10 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद भी लाइसेंस नहीं हुआ और अनूप ने फोन स्विच ऑफ कर लिया।
इस पर बृहस्पतिवार को शानू ने पुलिस में शिकायत की। साइबर थाने में मामला दर्ज कर निरीक्षक वहीद अहमद और हरिनाथ के साथ सिपाही मोहम्मद जीशान और प्रियंका को खुलासे के लिए लगाया गया। 24 घंटे के अंदर ही इस टीम ने लखनऊ के बक्शी का तालाब थाना क्षेत्र के भैंसामऊ निवासी अनूप कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अनूप बक्शी का तालाब स्थित एक महाविद्यालय में विधि स्नातक के तृ़तीय वर्ष का छात्र है। निरीक्षक वहीद अहमद ने बताया कि वह अधिवक्ताओं वाला कोट पहनकर जनसेवा केंद्र पर जाता था। मुवक्किल से रुपये मंगवाने की बात कहकर जनसेवा केंद्र संचालक से उसका खाता ले लेता था।