हरदोई। मऊ के सियाबस्ती गांव में चकबंदी के दौरान बरती गई लापरवाही पर यहां के चकबंदी अधिकारी (सीओ) के विरुद्ध शासन ने अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश पांच अक्तूबर को दिए थे। इसी पर चकबंदी आयुक्त ने पूरे मामले की जांच के लिए लखीमपुर खीरी के उप संचालक चकबंदी को जांच अधिकारी नामित कर दिया है।
चकबंदी आयुक्त जीएन नवीन कुमार ने जारी आदेश में कहा है कि मऊ की तहसील मुहम्मदाबाद गोहाना के सियाबस्ती गांव में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान यहां पर तैनात रहे सीओ प्रेम प्रकाश भारती ने लापरवाही की थी। कहा है कि विधानसभा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह के तारांकित प्रश्न पर कराई जांच कराई गई। तीन सदस्यीय समिति की ओर से सितंबर में दी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सीओ रहते हुए प्रेम प्रकाश भारती ने गाटा संख्या 422, 423 व 424 की मालियत का निर्धारण भी गलत किया था। आयुक्त ने कहा है कि गांव में 1198 किसानों के चक का निर्धारण किए जाने के बाद चकबंदी योजना में 138 चक आपत्तियां दाखिल हुई थीं।
कहा है कि इन आपत्तियों का निराकरण भी चकबंदी अधिकारी रहते हुए प्रेम प्रकाश भारती ने ही किया था लेकिन, इसमें चकबंदी अधिनियम का पालन नहीं किया गया था। चकबंदी प्रक्रिया व पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर प्रेम प्रकाश भारती के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। इसी मामले में लखीमपुर खीरी के उप संचालक चकबंदी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। एसओसी सुरेश सागर ने बताया कि आयुक्त का पत्र सीओ को प्राप्त करा दिया गया है।