हरदोई। यम द्वितीया पर भगवान श्रीचित्रगुप्त, कलम-दवात का पूजन-अर्चन हुआ। कायस्थ समाज के लोगों ने दिवाली पर बंद हुए कमल को खोला और पूजन-अर्चन के साथ लिखाई-पढ़ाई शुरू की।
रामनगर में बाबा रामदास आश्रम पर भगवान श्रीचित्रगुप्त मंदिर पर गौरव जन कल्याण संस्थान और अखिल भारतीय चित्रांश वंशज महासभा की तरफ से पूजन का आयोजन हुआ। सर्वसमाज के आराध्य, न्यायाधीश, संपूर्ण मानव जाति के भविष्य निर्धारक और कर्मों का लेखाजोखा रखने वाले भगवान श्रीचित्रगुप्त और कलम-दवात का पूजन किया गया। पं. हरिओम ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ कराया। प्रसाद में पेन, फल और मिठाई वितरित की गई।
इंजीनियर गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान श्रीराम के अयोध्या वापस आने पर भगवान श्री चित्रगुप्त को निमंत्रण नहीं दिया गया था जिससे वह नाराज हो गए और कलम बंद कर लेखा-जोखा रखना बंद कर दिया जिससे यमलोक में समस्या उत्पन्न हो गई, तब तुरंत उन्हें आमंत्रित किया गया और द्वितीया से दोबारा लेखा-जोखा रखना शुरू किया था। तभी से यम द्वितीया को कलम-दवात के पूजन का विधान है।
राजेश कुमार सिंह, डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव, सर्वेंद्र श्रीवास्तव, वीरेश श्रीवास्तव, आरपी श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, रजत श्रीवास्तव, दीपिका श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त कर्म अनुसार फल देते हैं। इस मौके पर माधुरी श्रीवास्तव, पुष्पलता श्रीवास्तव, शशिबाला श्रीवास्तव, दिव्या श्रीवास्तव, धीरज खरे, विनय श्रीवास्तव, स्वास्तिक श्रीवास्तव, सात्विक श्रीवास्तव, नैना, पांखी, मिष्ठी, श्याम जी आदि मौजूद रहे।