हरदोई। कन्यादान समिति के सामूहिक प्रयास और देश के कई राज्यों के लोगों द्वारा की गई आर्थिक मदद से कंचन के हाथ पीले हो गए। समिति के प्रयास से यह 18वीं सामूहिक शादी हुई।
बिरहाना निवासी कंचन का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। कंचन की मां ने समिति से शादी में आर्थिक मदद की मांग की थी। पंजाब में मजदूरी करने वाले श्रीराम राजवंशी के पांच बच्चे हैं।
लॉकडाउन में काम नहीं मिलने से जमा पूंजी खत्म हो गई, तो वह अपने गांव आ गए। उनकी बड़ी बेटी कंचन विवाह योग्य हो गई है। मां गुड्डी ने कन्यादान योजना समिति के संस्थापक सदस्य जगतार सिंह मुलाकात कर समस्या बताई।
इस पर समिति ने कंचन का विवाह कराने का संकल्प लिया। संस्थापक गोपेश दीक्षित ने बताया कि सभी सदस्यों ने एकजुट होकर कंचन के विवाह में सहयोग करने की हामी भरी। सोशल मीडिया से ग्रुप में दूसरे प्रदेशों से जुड़े लोगों ने भी रुचि दिखाते हुए आर्थिक मदद की।
इसमें मध्यप्रदेश से राज कौर, महाराष्ट्र से पंकज अदातीय, नागपुर से प्रियंका दूत, लखनऊ से निहारिका सिंह, सतीश यज्ञ सैनी, फतेहपुर से सोना शिवहरे, शालू श्रीवास्तव, हमीरपुर से नागराज शिवहरे, गाजियाबाद से गरिमा इंद्रेश तिवारी
हरदोई से जगतार सिंह, मुरारी लाल पाठक, आकाश सिंह, हरी प्रताप सिंह, संजू गुप्ता, नितिन मिश्रा, गौरव मिश्रा, अरविंद शुक्ला, राकेश त्रिपाठी, रजनीश त्रिपाठी, अनीश भाई आदि ने आर्थिक सहयोग किया। अन्य सामान समेत नगद उपहार और वर-वधू को पौधे देकर विदाई दी।