कुदरत के कहर से बचीखुची फसल को क्रय केंद्रों पर
बेंचने जा रहे किसानों से भी कमीशन की मांग होने लगी है। कुछ ऐसे ही आरोप
लगाकर भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर इस पर
अंकुश लगाने की मांग की। अन्यथा की दशा में विवाद की स्थितियां गेहूं क्रय
केंद्रोें पर बनीं तो जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
कलक्ट्रेट में
ज्ञापन से पहले जिलाध्यक्ष राम बहादुर सिंह यादव ने कहा कि किसानाें का
गेहूं एक तो सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं लिया जा रहा, दूसरे कर्मचारी
कमीशन की बात कह रहे हैं। ऐसी स्थिति में टकराव की नौबत केंद्रों पर आ रही
है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि हरिहरपुर सब स्टेशन काफी दिनों से बन के तैयार
है, पर हीलाहवाली के चलते इंसुलेटर आदि सही नहीं लगने से शुरू नहीं हो पा
रहा, जिसको शीघ्र शुरू कराया जाए।
उन्होंने कहा कि बारिश व ओले से गेहूं के
नुकसान को आज भी अफसर, कर्मी मजाक ही बनाए हुए हैं। कहा कि किसान समझ
ही नहीं पा रहा कि उसे मुआवजा मिलेगा भी या नहीं यदि मिलेगा। इस मौके पर
पदाधिकारियों ने नारेबाजी की तथा चार सूत्रीय ज्ञापन डीएम रमेश मिश्र को
सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
दिए गए ज्ञापन में उक्त के अलावा ग्राम
पंचायतों में कैंप लगवाकर किसान पंजीकरण कराने की मांग की गई। इस मौके पर
प्रगट सिंह, यदुवीर सिंह, विक्रम सिंह आदि मौजूद थे।