रसोइया एवं मजदूर जनकल्याण समिति के तत्वावधान में
रसोइयों ने एक बार फिर सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। आश्वासन
मिलने के बाद भी पांच माह का बकाया मानदेय न मिलने पर अब रसोइयों ने सड़क
पर उतर कर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
उन्होंने पारिश्रमिक को आन लाइन
प्रक्रिया से खातों में भेजने और प्रतिवर्ष नवीन चयन प्रक्रिया पर रोक
लगाने की मांग की। इस दौरान गुस्साई रसोइयों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन नगर
मजिस्ट्रेट को दिया। ज्ञात हो कि होली के पर्व से पहले पांच माह का बकाया
मानदेय के लिए रसोईयों ने आर पार की लड़ाई छेड़ दी है।
बीते 13 फरवरी को
धरने पर बैठे रसोइयों को आश्वासन के बाद भी बकाया मानदेय न मिलने पर सोमवार
को एक बार फिर धरना दिया गया। इस बाबत रसोइया एवं मजदूर जनकल्याण संगठन के
प्रदेश कोषाध्यक्ष रामकुमार गौतम के निर्देशन में कलक्ट्रेट पहुंची
रसोईयों ने बताया कि अक्तूबर से आज तक का मानदेय नहीं दिया गया है।
जिसको
जल्द देने की मांग की और विनयमितीकरण कराने की मांग भी की। इस दौरान
रसाइयों ने पारिश्रमिक आन लाइन प्रक्रिया के माध्यम से खातों में भेजने व
हर माह मानदेय देने की मांग की। रसोइयों ने 11 माह का मानदेय भारत सरकार
श्रम मंत्रालय द्वारा निर्धारित दैनिक मजदूरी से 180 रुपये प्रतिदिन से कुल
5400 रुपये प्रतिमाह देने की भी मांग की।
इस बाबत प्रदेश कोषाध्यक्ष ने
कहा कि बीते 13 फरवरी को धरना प्रदर्शन करने के बाद बीएसए ने सात दिन में
मानदेय देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रसोइयों ने अब सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
रसोइयों ने
जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया। इस मौके पर सरोजनी
मिश्र, कमला, लालन शर्मा, सरदार, रेनू पांडेय, निशा, सुधा मिश्र, गोमती
गौतम आदि मौजूद थीं।