हरदोई। मातृ शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित मंत्र एप से अब प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान भी हो सकेगा।
इसमें महिलाओं के प्रसव से लेकर बच्चों के एक साल तक के प्रसव की पूरी जानकारी दर्ज होती है। अब योजना के अंतर्गत भुगतान होने से महिलाओं के तीमारदारों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। मंत्र एप पर भुगतान को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसी माह से भुगतान होना भी शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार ने प्रसव की सारी जानकारियां एक स्थान पर दर्ज करने के उद्देशय से मंत्र एप शुरू किया है। एप पर महिला के गर्भधारण से लेकर बच्चे के एक वर्ष होने तक उसकी नियमित जांच और टीकाकरण की जानकारी दर्ज होगी। आशा निर्धारित तिथि पर महिला के घर जाकर जानकारी लेकर एप के माध्यम से विभाग को उपलब्ध करा देती हैं।
एमओआईसी, बीसीपीएम, नर्स और स्टाफ नर्स सभी एप पर जुड़ी होती हैं। इससे प्रसव संबंधी कोई भी जानकारी उन तक पहुंच जाती है। अब एप के माध्यम से जननी सुरक्षा योजना का भुगतान भी किया जाएगा। योजना के अंतर्गत संबंधित एएनएम व स्टार्फ नर्स भर्ती महिला का बैंक व आधार विवरण दर्ज करेंगी और ओटीपी के माध्यम से बायोमीट्रिक प्रमाणित करेंगी। इसके बाद अन्य प्रक्रिया करने के बाद भुगतान हो जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहताश कुमार ने इसके संबंध में सभी अधीक्षकों को प्रक्रिया पूरी कर भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
एप पर दर्ज होते ही खुद भर जाएगा प्रपत्र
हरदोई। जननी सुरक्षा योजना का लाभ पाने के लिए अभी तक लाभार्थी को संबंधित प्रपत्र भरना होता था, लेकिन अब एप के माध्यम से विवरण ऑनलाइन भर जाएगा। मंत्र एप के माध्यम से ई-कवच आईडी, आभा आईडी या आधार नंबर से महिला को पंजीकृत किया जाएगा। सारा विवरण ई-कवच से मिल जाएगा, जो हेल्थ रिकॉर्ड में भी प्रयोग कर लिया जाएगा। वहीं, सूचनाएं प्रमाणित होते ही जननी सुरक्षा योजना का प्रपत्र भी ऑनलाइन भर जाएगा। इसके साथ ही संबंधित इकाई को भुगतान के लिए ऑनलाइन ही पहुंच जाएगा। इसके बाद संबंधित स्वास्थ्य इकाई के भुगतान से संबंधित अधिकारी की ओर से पीएफएमएस पोर्टल पर आईडी बनाकर भुगतान के लिए अधीक्षक को मंत्र एप के जरिये ही भेज दिया जाएगा। जहां से सभी सूचनाएं प्रमाणित होने के बाद भुगतान हो सकेगा।