हरदोई। मांगे न माने जाने पर सराफा कमेटी ने हड़ताल के 19वें दिन प्रतिष्ठान खोल दिए लेकिन 20वें दिन कमेटी के दिशा निर्देश के बाद फिर से 10 अप्रैल तक बंदी घोषित कर दी। हालांकि बंदी के चलते त्योहार फीका जाने से कारीगर ही नहीं अब तो सराफा व्यवसायियों के चेहरों की भी रौनक चली गई है।
सोमवार को सिनेमा रोड पर बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ सराफा व्यापारी संतोष टंडन ने कहा कि उत्तर प्रदेश सराफा कमेटी जो निर्णय लेगी उसका हम सब अनुसरण करेंगे। 10 अप्रैल तक की बंदी का निर्णय लिया गया है। मीडिया प्रभारी प्रदीप रस्तोगी ने कहा कि जिलाध्यक्ष अनिल महेंद्रा कानपुर में हो रही सराफा कमेटी की प्रदेश स्तरीय बैठक में शामिल होने गए हैं। वापस आने पर वहां के निर्णय से अवगत कराएंगे। कहा कि मोदी सरकार, सराफा व्यापारियों की जायज मांगों पर विचार नहीं कर रही है।
सुधीर सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री का मेक ए इंडिया का नारा ढकोसला है। कुटीर उद्योग के रूप में स्वर्ण कारीगरों के ऊपर इतनी बंदी लगाई जाएगी कि कोई व्यापारी इस कार्य को करेगा ही नहीं। इस मौके पर हरी रस्तोगी, राजेश वर्मा, दुर्गेश गुप्ता, राजेश अग्रवाल, योगेश मेहरोत्रा, रानू मेहरोत्रा, दीपक मेहरोत्रा, सुशील सोनी, बबुआ, आशीष रस्तोगी, आदि मौजूद रहे।