हरदोई। गांवों में कराए गए विकास कार्यों और भुगतान में गड़बड़ी सामने आई है। सोशल ऑडिट में आठ विकास खंडों की 35 ग्राम पंचायतों में मनरेगा मद से कराए गए कामों में गड़बड़ी मिली है। 35 ग्राम पंचायतों में करीब 8.20 लाख रुपये के भुगतान में गड़बड़ी मिली है। मनरेगा के अधिनियम की अनदेखी और बिना काम के किए गए भुगतान की वसूली भी संबंधित से कराए जाने की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में संस्तुति की गई है।
विकास कार्यों के सोशल ऑडिट में अभी तक आठ विकास खंडों का ऑडिट पूरा हो गया है। ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आई है। रिपोर्ट में विकास खंड माधौगंज की ग्राम पंचायत दहेलिया दुगावां में 10 हजार, बदनपुर में 2,760 और भैंसीमऊ में 2,300 रुपये, शाहाबाद की आगमपुर घुरई में 10,350, हरियावां की हरियावां में 460, भदेउरा में 3,220 और दौलतपुर में 16,560 रुपये, बिलग्राम में सदियापुर में 5,449, जरौली रायपुर में 460, चौधरियापुर में 3,117, दिवाली में 26,148, गुजरई में 2,300, कटरी परसोला में 2,14,169, जरसेनामऊ में 1,90,943, म्योरा में 1,840, कटरी बिलुही में 1,725, हसौलिया में 1,380, रहुला में 1,150 रुपये, भरावन की महुआडांडा में 9,708, डांडा में 6,210, मंझिगवां शिवपुरी में 6,000, बनी में 5,000, औना देवकली में 26,000, गोनी में 17,021, बंगालपुर में 15,000 रुपये, बेहंदर की गौरीदायमपुर में 18,860 और विकास खंड भरखनी की सिलवारी में 690, चकौतीकला में 5,000, मुंडेर में 5,000, रामपुर खंमरिया में 460, सेमरझाला में 12,650, खेरिया में 1,96,880 और लखमापुर में 1,380 रुपये की गड़बड़ी मिली है।
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सोशल ऑडिट के नोडल अधिकारी की ओर से आठ विकास खंडों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। संबंधित विकास खंड के कार्यक्रम अधिकारियों को ऑडिट में मिली गड़बड़ी की आपत्तियों के निराकरण और काम बिना कराए व अधिनियम की अनदेखी कर किए गए भुगतान में संबंधित से वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार
श्रम विभाग की योजनाओं का भी होगा सोशल ऑडिट
सोशल ऑडिट निदेशालय ने मनरेगा, समाज कल्याण और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के बाद अब श्रम विभाग की योजनाओं के भी सोशल ऑडिट की व्यवस्था दी है। श्रम विभाग की ओर से चलाई जा रही श्रमिकों के कल्याण के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों में से प्रारंभिक चरण में वर्ष 2021-2022 में लाभान्विंत किए गए श्रमिकों का सोशल ऑडिट किया जाएगा। बताया गया कि निदेशालय की ओर से प्रारंभिक चरण में पायलेट विकास खंड के तौर पर विकास खंड हरपालपुर को चुना गया है। हरपालपुर की ग्राम पंचायतों में लाभांवित किए गए श्रमिकों का विवरण जुटाया जा रहा है। जल्द ही टीम का गठन कर अक्टूबर से सोशल ऑडिट कराया जाएगा। जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि पूरा विवरण श्रम विभाग से मांग लिया गया है।