- फाइनल रिपोर्ट लगाने से लेकर नाम निकालने तक के नाम पर मांगी गई थी घूस
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जनपद में पहले भी विवेचना में फाइनल रिपोर्ट लगाने से लेकर नाम निकालने तक के एवज में रुपये मांगे जाने के मामले सामने आ चुके हैं। दो मामलों में तो भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने अलग अलग थानों में तैनात उपनिरीक्षकों को रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार भी किया था। यह मामले वर्ष 2020 और 2023 में पकड़े गए थे।
केस-1
पांच हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार हुआ था अभिषेक सिंह
18 फरवरी 2020 काे भ्रष्टाचार निवारण संगठन की लखनऊ से आई टीम ने हरपालपुर कोतवाली में तैनात अभिषेक कुमार सिंह को पांच हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया था। दरअसल कन्नौज के शहर कोतवाली निवासी पति पत्नी के बीच-विवाद था। पत्नी ने हरपालपुर कोतवाली में पति के खिलाफ दहेज एक्ट और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में अभिषेक विवेचक थे। फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर पति से पांच हजार रुपये की घूस मांगी थी। घूस लेते समय उसे गिरफ्तार किया गया था।
केस-2
10 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार हुआ था रामाशीष
24 सितंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने हरियावां थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामाशीष को घूस लेते गिरफ्तार किया था। दरअसल हरियावां थाना क्षेत्र के गुलरिया निवासी इकबाल गाजी हरियाणा में प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। 11 अगस्त 2023 को बकरियां खेत में जाने को लेकर विवाद हुआ था। मामले में पुलिस ने इकबाल के खिलाफ गंभीर चोट पहुंचाने की धाराएं बढ़ा दी थीं। इसकी विवेचना में रामाशीष कर रहे थे। नाम निकालने के नाम पर दस हजार रुपये की घूस लेते रामाशीष गिरफ्तार हुए थे।
2023 बैच का आकाश अभी प्रोबेशन पर
हरदोई। घूस लेते गिरफ्तार किया गया उपनिरीक्षक आकाश रोशवाल वर्ष 2023 बैच का है। प्रशिक्षु के तौर पर वह शाहाबाद कोतवाली में तैनात रहा था। मूल रूप से मुजफ्फरनगर जनपद के थाना छपार के सिंभावली खुड्डा निवासी आकाश का अभी प्रोबेशन पीरियड चल रहा है। सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह के मुताबिक अभी आकाश स्थाई नहीं हुआ है। छह माह से वह माधौगंज थाने में तैनात था।
इनसेट
छुट्टी से लौटना था जय प्रकाश को, छापा डालने चला गया दिल्ली और बच गया
मामले का विवेचक जय प्रकाश सिरोही है। जयप्रकाश पिछले कुछ दिनों से अवकाश पर था। सोमवार को उसे वापस थाने पर आना था। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि थानाध्यक्ष ने उसे एक मामले में अवकाश से ही छापा डालने के लिए दिल्ली भेज दिया। यही वजह रही कि सोमवार को जय प्रकाश मौके पर नहीं मिला। फिलहाल वह एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ने से बच गया, लेकिन कानूनी कार्रवाई की जद में तो आ ही गया।