हरदोई। सुरसा पुलिस ने रविवार को डिजिटल पेमेंट के जरिए धोखाधड़ी करने वाले और पीड़ित का बैंक खाता फ्रीज कराने वाले एक अंतरजनपदीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गैंग का एक तकनीकी एक्सपर्ट भी शामिल है।
कोतवाली शहर क्षेत्र के सिनेमा चौराहा निवासी शरद कश्यप सुरसा थाना क्षेत्र के मलिहामऊ गांव स्थित पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में शरद ने बताया कि बीती 25 मई को मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात युवकों ने बाइक में 600 रुपये का पेट्रोल डलवाया। उन्होंने ऑनलाइन स्कैनर के जरिए 6000 रुपये ट्रांसफर कर देने की बात कही और बकाया पैसा वापस करने की बात कही। उन्होंने पैसा वापस कर दिया लेकिन कुछ समय बाद जब बैंक खाता चेक किया तो वह फ्रीज हाे गया था और लेन-देन बंद हो गया था। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
उप निरीक्षक आदित्य वर्मा के निर्देशन में हुई जांच में सुरसा थाना क्षेत्र के मोहकमपुर निवासी अनुज, फर्रूखाबाद जनपद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गुडेरा गांव निवासी रमन कुमार व वहीं के चपरा गांव निवासी वीरेंद्र कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में युवकों ने बताया कि गैंग का मास्टरमाइंड और टेक्निकल एक्सपर्ट वीरेंद्र कुशवाहा है, जो बैंक खातों को फ्रीज करने और अन्य तकनीकी हेरफेर का काम संभालता था। वहीं, अनुज और रमन कुमार फील्ड में लोगों को अपना शिकार बनाते थे। जांच में सिपाही रजनेश यादव, विपिन कुमार, शिवम, सुलखान राजपूत और साइबर थाने के गौरव, रोहित, हर्ष और हरेंद्र ने सहयोग किया।