हरदोई। रमज़ान का पाक माह शुरू होते ही मुस्लिमों की दिनचर्या बदल गई है। मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज का आगाज भी हो चुका है। बड़ों के साथ छोटे छोटे बच्चे में अल्लाह को राजी करने के लिए मस्जिदों में पहुंच रहे हैं।
मस्जिदों से सायरन की गूंज सुनते ही छोटे छोटे मासूम बच्चे टोपियां और कुर्ते पायजामे पहन कर मुकद्दस रमजान की खुशियां मनाने निकल पड़ते हैं। सोमवार को चांद देखने के बाद रात से तरावीह की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद, इस्लामगंज, खजूर वाली मस्जिद, बड़े कुएं वाली मस्जिद, मस्जिद सैयदना फारूके आजम, मस्जिद उसमान गनी, सैयदना सिद्दीकी अकबर, छिपीटोला, मीरसरायं और ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में तरावीह की नमाज का आगाज हो चुका है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में इफ्तार और सहरी के पकवानों से संबंधित दुकानें सज कर तैयार हो गई हैं। पहले इफ्तार के लिए इन दुकानों पर मंगलवार को भीड़ दिखाई दी। युवाओं की जिंदगी का अंदाज भी बदल गया है। मोबाइल और दूसरे कामों में लगे रहने वाले ज्यादातर युवा अब पूरी तरह से इस्लामी माहौल में रंगे नजर आ रहे हैं। नमाज रोजा और तरावीह के साथ तिलावते कुरआन के जरिए अपने रब को राजी करने की होड़ लगी हुई है।
रमजान में दुबई से आया काजमी खजूर
हरदोई। रमजान में बाजारों की रंगत भी बढ़ती नजर आ रही है। फलों से लेकर खजूर तक की मांग बढ़ गई है। फलों में केला, सेब की मांग बढ़ी है तो वहीं खजूर की अधिक मांग बढ़ने से कानपुर, लखनऊ ,फिरोजाबाद व दिल्ली तक से खजूर मंगाया जा रहा है। इसके अलावा शौकीनों के लिए दुबई से काजमी खजूर ने भी दस्तक दे दी है। यह करीब 400 से 500 रुपये के बीच है। जबकि केला 40 से 60 प्रति दर्जन एवं सेब 120 से 140 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है।