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पशुओं में पेट के कीड़ों से होता है बांझपन

Sun, 14 Jun 2015 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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गौरिया गांव में आयोजित पशु चिकित्सा शिविर में पशुआें की सेहत के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए। इस दौरान दूध का उत्पादन बढ़ाने को ग्रामीणों के सवालों का जवाब देते हुए जानकाराें ने जानवराें में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी।
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गौरिया मेें मैरियल एनीमल हेल्थ की ओर से लगाए गए शिविर में विनय कुमार ने कहा कि पशुओं के शरीर में कई विटामिंस की कमी से कई विकार आ जाते हैं। इनको लेकर पशु पालकाें को लापरवाही नहीं करनी चाहिए। कहा कि दूध कम होना पशुओं में कैल्शियम की कमी का लक्षण होता है।

ऐसे पशुओं को चारे में कैल्शियम युक्त पदार्थों का सेवन कराएं। इसके लिए दवाइयाें का भी प्रयोग किया जा सकता है। वेद प्रकाश मिश्रा ने जानवर को निरोगी रखने के लिए समय-समय पर टीकाकरण कराने पर जोर दिया। कहा कि हर तीन माह में पशुओं को पेट में कीड़े की दवा जरूर देनी चाहिए। यह उनमें बांझपन का कारण भी हो सकता है।
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साथ ही मिनरल मिक्सचर देें। कहा कि बरसात आने वाली है, ऐसे में टीकाकरण जरूर करा लेना चाहिए। बरसात में पशुओं को खुरपका, मुंहपका और गलाघोंटू आदि बीमारियों होती हैं। टीकाकरण से ऐसी खतरनाक बीमारियों से बचा जा सकता है। कहा कि चारे में प्रतिदिन जानवर को 50 ग्राम खड़िया देने से कैल्शियम की कमी दूर होती है।

मुख्य अतिथि बुद्ध प्रकाश अवस्थी ने पशुपालकों को पशुआें के लिए हेल्थ टानिक, कैल्शियम आदि बांटी। इस मौके पर शिवम मिश्रा, सत्येंद्र कुमार, जगदीश, रामसहाय और रामवली आदि मौजूद थे।
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