शाहाबाद। फील्ड में तैनाती की मांग को लेकर महिला लेखपाल और एसडीएम के बीच सोमवार को नोकझोंक हो गई। इस दौरान लेखपाल ने अपने अधिवक्ता पिता को वहां बुला लिया। इसके बाद एसडीएम पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत पुलिस में कर दी। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने बैठक कर तबादला होने तक एसडीएम न्यायालय का बहिष्कार किए जाने की घोषणा की।
बीते माह बिलग्राम तहसील से स्थानांतरित होकर शाहाबाद आईं लेखपाल को कार्यालय में ही तैनाती मिली है। सोमवार शाम लेखपाल एसडीएम से मिलने उनके कार्यालय गईं और फील्ड में तैनाती देने की मांग की। इस पर एसडीएम ने अग्रिम आदेशों तक कार्यालय में ही काम करने के लिए कहा। चर्चा है कि इसको लेकर एसडीएम और लेखपाल में नाेकझोंक हो गई। लेखपाल के पिता शाहाबाद तहसील में ही अधिवक्ता हैं। लेखपाल के बुलावे पर पिता साथी अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। यहां अधिवक्ताओं और एसडीएम के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद महिला लेखपाल ने एसडीएम पर आरोप लगाते हुए शिकायत पुलिस से की। मंगलवार को अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमलेश लोधी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके न्यायालय का बहिष्कार किए जाने की घोषणा की।
तहसील में ही महिला लेखपाल तैनात थीं। उनका तबादला सवायजपुर हो गया। बिलग्राम से दूसरी महिला लेखपाल आई हैं। इनको वही काम सौंपा गया जो पूर्व में महिला लेखपाल कर रही थीं। फील्ड में तैनाती के लिए लेखपाल दबाव बना रही थीं। तहसील परिसर में भी कोई काम न कर दिन भर मोबाइल में ही व्यस्त रहती थीं। पिता के अधिवक्ता होने की बात कहकर भी दबाव बना रही थीं। लेखपाल के पिता ने भी जेल भिजवा देने की धमकी दी थी। इसके वीडियो भी सुरक्षित हैं। -सुशील मिश्रा, एसडीएम, शाहाबाद
वायरल वीडियो में न छेड़छाड़ न अभद्रता
घटना को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एसडीएम पर लगे छेड़छाड़ और अभद्रता के आरोप साबित नहीं हो रहे हैं। वायरल वीडियो में महिला लेखपाल अपने कार्यालय में मोबाइल देखते हुए नजर आ रही हैं। इसके अलावा अपने पिता की मौजूदगी में एसडीएम से उनके कार्यालय में बहस करते हुए भी वीडियो में दिख रही हैं। इस सबके बीच लेखपाल के पिता भी वीडियो में एसडीएम को काफी कुछ कहते नजर आ रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।