कैंसर के खिलाफ छेड़ी गई अमर उजाला की मुहिम में
भक्ति वेदांता मुंबई की चिकित्सीय टीम तो पहले ही उतर चुकी थी, पर सोमवार
को फ्री कैंसर परीक्षण कैंप को सफल बनाने में जहां जिले की जनता मौजूद
दिखी, वहीं स्वास्थ्य महकमे से लेकर प्रशासनिक अमले तक ने संग संग होने की
मंशा जाहिर कर दी।
बहरहाल दिन भर चले कैं प में जिले भर के ब्लाकाें व दूर
दराज के गांवों से कैं सर रोगियों व संदिग्ध रोगी स्वास्थ्य परीक्षण को देर
शाम तक पहुंचते रहे। अमर उजाला व भक्ति वेदांता हास्पिटल के संयुक्त
तत्वावधान में बाला जी हास्पिटल के सहयोग से लगे फ्री कैंसर परीक्षण कैंप
में जिले भर के 325 लोगों ने पंजीकरण करवाया, जिसमें से 272 लोगों ने चेकअप
कराकर प्रख्यात डॉक्टरों से परामर्श लिया।
पंजीकरण के बाद दी गई स्लिपों
पर भक्ति वेदंाता की ओर से आई चिकित्सकों की टीम में शामिल ओंकोलाजिस्ट
कैंसर सर्जन डा. विष्णु अग्रवाल, डा. विश्व मोहन, डा. अमोल एवं डा.
नेत्रपाल ने परीक्षण किया और उनकी दी हुई रिपोर्टाें पर निदान बताया।
कुल
मिलाकर हर किसी के चेहरे पर डॉक्टरों से मिलकर संतुष्टी के भाव दिखाई दिए।
पंजीकरण कराने के बाद मरीजों को देखने का क्रम देर शाम तक चला। शिविर में
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सांसद नरेश अग्रवाल ने अमर उजाला के इस
प्रयास की सराहना की।
उन्होंने कहा कि कुशल विशेषज्ञों के कीमती परामर्श
को आम लोगों तक पहुंचाना पुण्य का काम है। उन्होंने कहा कि जनहित की
समस्याओं को उजागर करने वाला निदान भी दिलवाने को आम लोगों के बीच कूद आएं
तो इससे बेहतर तो कुछ भी नहीं। वह आगे भी जनहित कार्यों में अमर उजाला का
सहयोग करते रहेंगे।
बाला जी हास्पिटल के डा. सीपी कटियार ने रोगियों से
मिलने के बाद कहा कि प्रयास काबिले तारीफ हैं, इस प्रयास में ही नहीं जनहित
के अमर उजाला के भविष्य के प्रयासों में उनका योगदान रहेगा। कैंप में
पहुंचे डा. एसएस महेश्वरी, डा. अजय सिंह, डा. प्रतीक्षा कटियार, डा. लाल
खान, डा. अमित शर्मा, डा. शिशिर मिश्र, नरेंद्र कटियार, राम प्रकाश शुक्ला,
वसीम अहमद सिद्दीकी ने भी अमर उजाला के प्रयासों की न सिर्फ सराहना की।
इन
लोगों ने अपेक्षा की कि जो मरीज यहां से मुंबई, लखनऊ पीजीआई, वृंदावन आदि
जगहों पर रेफर किए जाएं उनको लगातार ट्रेस किया जाए। वह पहले भी साथ थे और
ऐसे प्रयासों में आगे भी संग नजर आएंगे। इस मौके पर अमर उजाला के ब्यूरो
प्रमुख राजीव शुक्ला, नवनीत द्विवेदी, आशीष त्रिवेदी, अनुपम कीर्ति
भारद्वाज, राजीव शर्मा, सुधीर पांडे, पंकज गुप्ता, जितेंद्र सिंह बाबी, रवि
गुप्ता, अंकुर बाजपेई भी मौजूद थे।
इसके अलावा रवि श्रीवास्तव, रानू
गुप्ता, अनुज श्रीवास्तव के साथ बाला जी हास्पिटल के विपिन त्रिवेदी, गौतम
मौर्य, गौरव सिंह, दीपक तिवारी, सत्येंद्र गुप्ता, प्रेम, राजू पाल, संदेश
श्रीवास्तव आदि सहित पूरे स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
उधर, ओंकोलाजिस्ट
डा. विष्णु अग्रवाल व डा. विश्वमोहन ने बताया कि भारत में तो वह जगह-जगह
आयोजित होने कैंसर सेमिनारों व अध्ययन आदि में शिरकत करते रहते है।
पर
अपने अब तक के चिकित्सा कैरियर में वह अमेरिका व वेस्टइंडीज में भी कैंसर
को लेकर हुए शोध में जा चुके हैं। कहा कि विदेशों में मुंह का कैंसर देखने
को नहीं मिलता। वहां गुटखा नहीं खाया जाता। वहां पेट के कैंसर ज्यादा देखने
को मिलते हैं, क्योंकि वहां पर शराब का सेवन ज्यादा पाया जाता है। शराब से
लीवर कैंसर का खतरा ज्यादा पाया जाता है।