कस्बे के एक चिकित्सक के डेंगू की चपेट में आने की पुष्टि हो गई है। इससे
लोगोें में यहां फैले बुखार को लेकर दहशत है। कई अन्य लोग भी विचित्र बुखार
से पीड़ित होकर लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। लोगों ने नगर
पालिका की ओर से प्रतिदिन फागिंग कराए जाने की मांग की है।
मोहल्ला नागर
निवासी डा. उसमान (30) पुत्र अब्दुस्समद गाजी 27 सितंबर को बुखार से
पीड़ित होने पर लखनऊ के चरक हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती हुए थे।
30 सितंबर को हुई जांच में उन्हें डेंगू होने की पुष्टि वहां के डा. पुनीत
त्रिपाठी ने की है। इनकी मां जाकिया बेगम (45) को भी बुखार आने पर लखनऊ ले
जाया गया है। उनकी जांच की रिपोर्ट नहीं आई हैं। इसी
परिवार के बसपा नेता
हाफिज अब्दुल अहद का पुत्र अब्दुल खालिक (16) भी विचित्र बुखार की चपेट में
है। उसे भी डेंगू की आशंका में लखनऊ में भर्ती कराया गया है। बता दें कि
इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल रोड निवासी चुनमुन को भी बुखार में लखनऊ भर्ती
कराया गया है। उसे भी डेंगू होने की खबरें हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं
हो सकी है। इस सप्ताह नगर के
मुजीबुल्लाह खां भी विचित्र बुखार में कई दिन
हरदोई भर्ती रहे थे और उनकी प्लेटलेट्स काफी घट गईं थीं। इस तरह डेंगू के
इस केस ने नागरिकोें की नींद उड़ा दी है। अवाम ने नगर पालिका की ओर से
प्रतिदिन फागिंग नहीं कराए जाने पर नाराजगी का इजहार करते हुए फागिंग व दवा
का छिड़काव कराए जाने की मांग की है।