हरदोई। विश्व रोकथाम दिवस के मौके पर बुधवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन हुआ। एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने नाटक का मंचन कर लोगों को आत्महत्या की प्रवृत्ति से दूर रहने का संदेश दिया। साथ ही गोष्ठी में मानसिक रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी मन में उपज रहीं भावनाओं पर खुल कर बात करने के लिए प्रेरित किया।
मेडिकल कॉलेज परिसर में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मानसिक रोग और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की तरफ से जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया गया। उप प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने जागरूकता कार्यक्रम शुरू करते हुए कहा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि संवेदनशील मुद्दा है। मनोचिकित्सा विभाग के सहायक आचार्य व विभागाध्यक्ष डॉ. कुंवर अखिलेश ने कहा कि युवा पीढ़ी को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझना और एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। एमबीबीएस 2022 के छात्र-छात्राओं की तरफ से एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया। इसमें आत्महत्या की प्रवृत्ति से दूर रहने का संदेश दिया गया। नाटक के मंचन में छात्र-छात्राओं ने संदेश दिया कि कैसे अवसाद और मानसिक दबाव के शिकार लोग खुलकर अपनी भावनाएं साझा करके आत्महत्या जैसी स्थितियों से बचा जा सकता है। इस मौके पर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. बीएम पोखरिया, डॉ. ऋतु खरे, प्लमोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम गुप्ता, , दंत चिकित्सा विभागाध्यक्ष डाॅ. शिवम यादव, डॉ. निशांत श्रीवास्तव व डॉ. गोपाल कृष्ण दीक्षित आदि मौजूद रहे।
नुक्कड़ नाटक से किया जागरूक
एमबीबीएस छात्र वंश टिटोरिया, सिद्धांत विश्वकर्मा, श्रेया वर्मा, श्रेया श्रीवास्तव, सौरभ भारती, सौरभ कुमार रावत, शुब्हान अली, सात्विक गुप्ता और अन्य छात्र-छात्राओं ने नाटक में भाग लेकर जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने संदेश दिया कि जागरूकता ही है जीवन बचाने का सबसे बड़ा उपाय। मीडिया प्रभारी ने बताया कि आगामी दिनों में पोस्टर प्रतियोगिता और पैरामेडिकल छात्र व एमबीबीएस छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संवाद कार्यक्रम लेट्स टॉक कैंपेन का आयोजन किया।