फोटो-29-एसपी नीरज जादौन, एएसपी पूर्वी नृपेंद्र व अन्य पुलिस कर्मी व परिजन। संवाद
- सीतापुर के अटरिया से चोरी आर्यन को खरीदने वाले ने तीन लाख में बेची थी बेटी
- खरीदार के दो बेटियां थीं, बेटे की थी चाहत, सो खरीद लिया
आनंद मिश्रा
हरदोई। सुनीता विलियम्स ने भले ही अंतरिक्ष की सैर कर नारी शक्ति का डंका पूरे विश्व में बजा रही हों, लेकिन बेटियों को लेकर अब भी समाज में नकारात्मकता है। मानव तस्करी गिरोह की महिला सदस्यों से पूछताछ में आई जानकारी से इसी बात का प्रमाण भी मिलता है।
सीतापुर के अटरिया से चोरी किए गए तीन साल के आर्यन को पांच लाख रुपये में आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी में खरीदने के लिए एक शख्स ने अपनी बेटी को भी बेच दिया था। दरअसल खरीदार के दो बेटियां थीं, लेकिन उसे बेटे की चाहत थीी। यही चाहत पूरी करने के लिए उसने अपनी एक बेटी को तीन लाख रुपये में बेचा और फिर पांच लाख रुपये में बेटे को खरीद लिया।
मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई पठान मुमताज उर्फ हसीना विभिन्न समारोहों में वेटर का काम करती थी। उसके साथ गिरफ्तार बिक्कॉल बिजली लोगों के घरों में खाना बनाने और बर्तन धोने का काम करती है। दोनों ही महिलाएं ऐसे लोगों को चिह्नित करती थीं जिनके बच्चे नहीं होते। कुछ ऐसे लोग भी चिह्नित किए जाते थे, जिनके सिर्फ लड़कियां ही हैं और लड़के की चाहत है।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र बताते हैं कि मानव तस्करी गिरोह की सरगना शारदा है और उसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है। बच्चा चोरी करने का काम उमाशंकर और अभय करते थे। यह लोग दिल्ली की सोनिया उर्फ सुनीता को बच्चा सौंपते थे। इसके बाद वीडियो कॉल और फोटो दिखाकर बच्चे की कीमत तय हो जाने पर उसे आंध्रप्रदेश भेज दिया जाता था। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आर्यन को जहां बेचा गया था, उसके दो बेटियां थीं। बेटे की चाहत में उसने अपनी एक बेटी भी बेच दी थी। उससे मिले रुपयों और अपने पास से रुपये मिलाकर उसने आर्यन को खरीदा था।
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कुछ यूं चोरी किया था आर्यन को
अटरिया थाना क्षेत्र के बांसखेरा गांव में विपिन अपने परिवार के साथ रहता है। परिवार में पत्नी बिट्टी और दो पुत्र हैं। इनके घर से कुछ ही दूरी पर कमलेश का मकान र्है। कमलेश ने अपने दो बेटों की शादी की थी। इसी उपलक्ष्य में दस फरवरी को विपिन के मकान के सामने दावत रखी थी। दावत में विपिन भी परिवार के साथ गया था। अभय इसी दौरान आर्यन को मोबाइल दिखाने के बहाने बहलाकर ले गया। फिर नशीला सीरप पिलाकर बाइक से साथ ले गया।
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शौक इतना कि पेशी पर हवाई जहाज से जातीं
पूछताछ में दोनों महिलाओं से पुलिस ने मानव तस्करी गिराेह में शामिल होने की वजह पूछी। महिलाओं ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर थी और इस काम में रुपयों की बचत अच्छी हो जाती है। अपर पुलिस अधीक्षक नृपेंद्र के मुताबिक इन महिलाओं के खिलाफ मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि में भी मामले दर्ज हुए थे, लेकिन उनका ब्योरा नहीं मिल पाया है। यह महिलाएं इतनी शौकीन हैं कि न्यायालय में पेशी पर जाने के लिए आंध्रप्रदेश से दिल्ली या नीमच जाने के लिए हवाई जहाज का इस्तेमाल करती थीं।
पुलिस को दुआएं दीं, माला पहनाई फिर खिलाई मिठाई
दस फरवरी को लापता हुए आर्यन के मिलने की उम्मीद परिजन खो चुके थे। आर्थिक रूप से आर्यन के परिजन बेहद कमजोर हैं और किसी तरह मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं। आर्यन के परिजनों के पास न तो कोई सिफारिश थी और न ही कोई रसूख। ऐसे में जब इनका बच्चा मिल जाने की जानकारी हुई तो आर्यन की मां बिट्टी और पिता विपिन खुशी में रो पड़े। शुक्रवार को अपने रिश्तेदारों के साथ हरदोई पहुंचे। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फूल मालाएं पहनाईं। अनगिनत दुआएं दीं और फिर मिठाई भी खिलाई।