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गर्रा नदी में समाया एक मकान, 22 बीघा भूमि कटी

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सवायजपुर। तहसील क्षेत्र के परगना बरबन अंतर्गत बहने वाली गर्रा नदी में उफान के बाद अब इसका जलस्तर घटने लगा है। इसके कारण कटान बढ़ गई है। इससे तटवर्ती गांव जनियामऊ व मानीमऊ के लोग दहशत में हैं। रविवार रात मानीमऊ में एक मकान नदी में समा गया। वहीं दोनों गांवों के दर्जनों किसानों के 20 बीघा खेत भी कट गए हैं। किसानों की मेहनत पानी में डूब गई है। उन्हाेंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा व रामगंगा के साथ ही पिछले कुछ दिनों में गर्रा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हुई थी। अब गर्रा का जलस्तर घटने लगा है। इसके कारण नदी किनारे के इलाकों में कटान शुरू हो गई है। नदी के किनारे बसे गांव जनियामऊ व मानीमऊ इससे सीधे प्रभावित हैं। रविवार रात मानीमऊ गांव निवासी गोविंद पुत्र गौरीशंकर के मकान का एक कमरा व बरामदा ढहकर नदी में समा गया। गोविंद ने बताया कि कटान शुरू होने पर उसने जरूरी सामान पहले ही हटा लिया था।
बताया कि हाल ही के कुछ दिनों में उसका सात बीघा खेत भी कट चुका है। कटान जारी होने पर जनियामऊ व मानीमऊ निवासी देवी शरण, सर्वेश, रामकृष्ण, रामबाबू, रामपाल, मनीराम, धनीराम, राकेश, जगदीश, ओंकार, रमाकांत व सच्चिदानंद समेत दर्जनों किसानों के कुल 20 बीघा खेत कट चुके हैं। उन्होंने कहा कि जल्द बचाव के इंतजाम न किए गए तो उनकी मेहनत बेकार हो जाएगी।
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सर्वे के आधार पर पीड़ितों को मिलेगी मदद : एसडीएम
कटान से मकान व खेतों के नदी में समाने की जानकारी पर एसडीएम सवायजपुर मनोज सागर के निर्देश पर कानूनगो जितेंद्र नाथ गुप्ता, लेखपाल विकास श्रीवास्तव व लेखपाल जमाल अहमद आदि ने संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। कानूनगो ने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। एसडीएम मनोज सागर ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कुछ जगह से कटान की सूचना मिली थी, जिस पर सर्वे कराया गया है। सर्वे के आधार पर पीड़ितों को संभव मदद दिलाई जाएगी।
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