गत दिनों लखनऊ में पीडब्ल्यूडी की हुई जोनल समीक्षा
बैठक में भाग लेने के बाद लौटे अभियंताओं ने अब फोरलेन को लेकर नए सिरे से
स्टीमेट बनाना शुरू कर दिया है। अभियंताओं की माने तो फोरलेन लखनऊ से
संडीला तक बनेगा और हरदोई तक बनाने को लेकर शासन से आदेश आने के बाद ही आगे
की कार्रवाई होगी।
नया स्टीमेट 29 जून तक बनकर तैयार होने की संभावना है। ज्ञात
हो कि पिछले लंबे समय से लखनऊ-हरदोई हाईवे को फोरलेन करने की कवायद एवं
चर्चाएं पीडब्ल्यूडी में होने के साथ ही आम जनमानस तक होती रहीं। कभी हरदोई
तक तो कभी संडीला तक फोरलेन बनने को लेकर अटकलें लगती रही।
हालांकि,
फोरलेन के अनुसार ही विभाग द्वारा वन विभाग, बीएसएनएल और पालिका से पेड़
हटाने, केबिल बिछाने, वाटर लाइन बिछाने को स्टीमेट मांगे गए थे और विभाग
द्वारा फोरलेन का संभावित स्टीमेट भी करीब 12 सौ करोड़ रुपये का बनाया गया
था। उसके बाद पूरे मामले में फोरलेन पर संडीला में ब्रेक लग गया।
यह अलग
बात है कि संडीला से लग रहे ब्रेक को हटाने को शहर में प्रस्तावित बाईपास
आदि बनाने से लेकर तमाम बिंदुओं पर विभागीय अभियंता मशक्कत करते रहे। पर,
गत दिनों हुई समीक्षा बैठक के बाद यह बात साफ हो गई कि फिलहाल शासन के
आदेश आने के बाद ही हरदोई फोरलेन में आएगा।
विभागीय निर्देशों के अनुसार,
अभियंताओं ने नया स्टीमेट बनाना शुरू कर दिया है। उधर, कुछ अहम बिंदुओं की
अनदेखी भी की जा रही है। बिना बाईपास रिंग रोड के शहर के भीतर से फोरलेन या
सड़क चौड़ीकरण से शहर में यातायात का दबाव और बढ़ेगा। पैदल और दोपहिया
सवारों की मुश्किलें बढ़ने के साथ जाम का झाम बढ़ेगा।
दुर्घटनाओं की आशंका
बढ़ेगी। घंटाघर रोड, नुमाइश चौराहा, पिहानी चुंगी चौराहों पर जाम के झाम के
साथ सड़कों के चौड़ीकरण से इस क्षेत्र में आने वाले सड़कों के किनारे
स्थित मकान, दुकान, आशियाने, प्लाट आदि भी जमींदोज हो सकते हैं।