प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर भाजपाइयों ने शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दैवी आपदा से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा वितरण में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम से तीन दिन के अंदर वितरित की गई सात करोड़ की मुआवजा धनराशि का लेखाजोखा भी मांगा और न मिलने पर दोबारा प्रदर्शन की चेतावनी दी।
इस दौरान उन्होंने 81 सूत्री मांगों का राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। तहसील के सामने मैदान पर आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवभूषण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेमौसम वर्षा व ओलावृष्टि में बर्बाद हुई फसल के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 33,000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से देने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद राज्य सरकार इस मद मेें मिली धनराशि का दुरुपयोग कर किसानों का शोषण कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद अंशुल वर्मा ने कहा कि अन्नदाता चेकों के भुगतान के लिए परेशान हैं, पर बैंक व तहसील कर्मी उसकी बात नहीं सुन रहे। कहा इस लड़ाई में वह पीछे नहीं रहेंगे।
कहा कि अगर तहसील के अफसरों ने सभी किसानों को मुआवजा न बांटा तो वह मामले को हर स्तर तक उठाएंगे। माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने भी चेकाें का भुगतान क्षेत्रवार बैंकों में करने तथा किसानोें की चेक बनवाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने चेक वितरण की सूची तहसील के पटल पर चस्पा करने की मांग की।
उन्होंने सवायजपुर में कोतवाली, हरपालपुर को नगर पंचायत व जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग की। इस मौके पर पूर्व संासद राघवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, रामचंद्र राजपूत, अजीत वर्मा, वीरेंद्र सिंह, सुभाष पांडेय, जगन्नाथ राजपूत, बलवीर सिंह, कौशल मिश्रा, सत्येंद्र चौहान, ब्रह्मानंद दीक्षित, धीरेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।