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Hardoi News: यहां तो बेसमेंट में संचालित हो रहा ब्लड बैंक और कंपोनेंट सेंटर

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हरदोई। लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में आग की घटना में 15 विद्यार्थियों की मौत से भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। यहां तो बेसमेंट में ब्लड बैंक और कंपोनेंट सेंटर संचालित हो रहा है। वहीं दो मेगा मार्ट सहित 10 अन्य भवन भी भवन उपविधियों के मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इससे आमजन की जीवन की सुरक्षा बंदोबस्त के साथ ही बेसमेंट में ब्लड बैंक और कंपोनेंट सेंटर संचालन की लाइसेंस प्रक्रिया में जिम्मेदार भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।
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लखनऊ में आग की घटना के बाद जिले में सार्वजनिक, निजी व सरकारी और व्यावसायिक भवनों की शुरू हुई जांच-पड़ताल में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जांच के दौरान दो मेगा मार्ट समेत 10 ऐसे भवन चिह्नित किए गए हैं जहां भवन उपविधियों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। इससे भी गंभीर मामला एक ऐसे ब्लड बैंक और ब्लड कंपोनेंट सेंटर का सामने आया है जो बेसमेंट में संचालित हो रहा है। आपात स्थिति से इससे जोखिमपूर्ण माना जा रहा है।

ब्लड बैंक और कंपोनेंट सेंटर जैसे संवेदनशील स्वास्थ्य संस्थान में प्रतिदिन रक्तदाता, रोगी के परिजन और स्वास्थ्यकर्मी आते-जाते हैं। बावजूद इसके संचालन बेसमेंट में किया जा रहा है। आग, धुआं और अन्य किसी आपदा की स्थिति में बेसमेंट से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती भी बन सकता है। प्रशासन की तरफ से संयुक्त जांच टीम की जांच-पड़ताल में पता चला कि इन भवनों में भवन उपविधियों के कई मानकों की अनदेखी की गई है। ब्लड बैंक और कंपोनेंट सेंटर के संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में भी जिम्मेदार अधिकारियों ने मानकों और उपलब्ध भवन की गंभीरता से जांच नहीं की। संचालन के लिए लाइसेंस दे दिया गया।
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संयुक्त टीम की जांच रिपोर्ट में 10 अन्य भवनों को भी चिह्नित किया गया है, इसमें दो बड़े मेगा मार्ट भी शामिल हैं। संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी दी है।

बेसमेंट में ब्लड बैंक और कंपोनेंट यूनिट का संचालन किए जाने पर पाबंदी नहीं है। मरीज भर्ती किए जाने पर पाबंदी है। पाबंदी का उद्देश्य यह है कि मानव जीवन खतरे में न पड़े। ब्लडबैंक में कोई भी व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा आधा घंटा ही रुकता है। फिर भी इस पर उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा। -डॉ. मनोज कुमार सिंह, नोडल अधिकारी
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