फोटो- 25- क्लीनिक को सील करने के दौरान मौजूद डॉ. मनोज कुमार सिंह। संवाद
बेनीगंज। नयापुरवा में प्रसव के 24 घंटे के अंदर पहले नवजात और फिर मां की मौत होने के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। घटना की जानकारी होने पर बृहस्पतिवार को नोडल अधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया।
इसमें क्लीनिक बिना पंजीकरण के चलते पाया गया। नोडल अधिकारी के निर्देश पर क्लीनिक को सील कर दिया गया जबकि दाई पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र दिया गया। जिले में बिना पंजीकरण के तमाम क्लीनिक संचालित हो रहे हैं इन पर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। जब कोई बड़ी घटना हो जाती है तब स्वास्थ्य विभाग की नींद खुलती है और क्लीनिकों पर कार्रवाई का दिखावा कर जनाक्रोश को दबा दिया जाता है।
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के कोथावां के नयापुरवा में भी नवजात बच्ची और फिर उसकी मां की मौत के मामले में भी स्वास्थ्य विभाग ने कुछ ऐसा ही किया। घटना के बाद परिजन में काफी आक्रोश था। ऐसे में नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार सिंह कोथावां में संचालित गोमती देवी के क्लीनिक (प्रसव केंद्र) पहुंचे। मांगने पर कोई दस्तावेज नहीं मिले। बिना पंजीकरण के क्लीनिक पाए जाने पर उन्होंने इंडियन मेडिकल काउंसिल के नियमानुसार सील करवा दिया। नोडल अधिकारी ने बताया कि गोमती के पास भी प्रशिक्षण होने का कोई सुबूत नहीं मिला। इसलिए गोमती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोतवाल को पत्र भेजा गया है।
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बेनीगंज-संडीला मार्ग पर भी अस्पताल सील
इसी क्रम में नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बेनीगंज-संडीला मार्ग पर संचालित एक अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उसके पास भी कोई वैध लाइसेंस न मिलने पर उन्होंने कार्रवाई की। नोडल अधिकारी ने बताया कि बेनीगंज-संडीला मार्ग पर संचालित श्रीरामचंद्र अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया था। अस्पताल संचालक से लाइसेंस मांगा गया लेकिन वह प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर अस्पताल को सील कर दिया गया।