सात दिन तक जिले में दहशत मचाए रहा बाघ अब गोमती पार कर सीतापुर की सीमा में घुस गया। नाव से गोमती पार कर सीतापुर जनपद के ब्लाक ढगियाकलां के बाहर तक जिले के वन अधिकारियों ने कांबिंग कर पंजे के निशान मिलने की पुष्टि की है। सीतापुर के वन अधिकारियों को भी इस संदर्भ में सूचना दी है।
शुक्रवार को टड़ियावां क्षेत्र के गांव अयारी, अलीनगर, रमदानकुई, लालपुर भैंसरी में बाघ के पंजे के निशान मिले थे। शनिवार सुबह जिले के बार्डर अरबापुर के ग्रामीणों ने सूचना दी कि उनके गांव के खेतों में बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। वन रेंज अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव वहां पहुंचे।
वन रेंज अधिकारी की सूचना पर डीएफओ विमल कुमार व कानपुर से आए विशेषज्ञों की टीम भी वहां पहुंच गई। कांबिंग के दौरान पाया गया कि गांव से कुछ दूरी पर ही गोमती है और उसके पार सीतापुर का बार्डर शुरू हो जाता है। वन विभाग के अधिकारियों ने नाव पर भी चढ़कर दूसरी ओर पंजे के निशान खोजने का प्रयास किया।
डेढ़ से दो किलोमीटर दूर जहां से सीतापुर जिले का पिसावां ब्लॉक का ढगियाकलां शुरू होता है, वहां बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। जिसके बाद सीतापुर वन रेंज अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। वहां अलर्ट हो गया है।
सात दिन जिले में बाघ रहा लेकिन कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। बाघ के जनपद से बाहर होने की संभावनाओं को देखकर वन विभाग ने कहीं न कहीं राहत की सांस ली है।
डीएफओ विमल कुमार का कहना है कि आगे की ओर सीतापुर जनपद सीमा में बाघ पहुंच गया है। फिर भी जब तक न पकड़ा जाए सतर्क रहें।