हरदोई। कभी-कभी बीच राह भी ऐसे दृश्य दिख जाते हैं, जिसको देखने वाला यह कहने को विवश हो जाता है कि चलो कुछ तो अच्छा है मानवता अभी जिंदा है।
शहर के सिनेमा चौराहे पर करीब 12 बजे महिला पीआरडी पूनम व माधुरी की ड्यूटी थी। कोरोना कर्फ्यू के चलते वह वाहनों को रोक रहीं थीं और बाहर निकलने का कारण पूछ रहीं थीं।
इसी बीच नंगे पैर लाठी टेकते हुए 65 वर्षीय नेत्रहीन वृद्ध उधर आते दिखाई दिए। देखा तो कईयों ने पर दौड़ीं सिर्फ दोनों महिला पीआरडी जवान। दोनों ने पहले उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम विजय बहादुर निवासी सुरसा के ग्राम मझिला बताया।
सीने में दर्द की शिकायत रहती है तो जिला चिकित्सालय जाना बताया। जिस पर दोनों ने उनका हाथ व लाठी पकड़ रास्ता पार कराया और एक रिक्शे पर बैठाकर जिला चिकित्सालय भेज दिया। इस दृश्य को जिसने भी देखा यही कहा कि खाकी चौराहों पर सिर्फ दर्द देती नहीं बल्कि कम भी करती है। संवाद