हरदोई। यूपीएससी, नीट, जेईई, एनडीए और सीडीएस की मुफ्त कोचिंग योजना अभ्युदय में डिग्री कॉलेजों के सेवारत प्रोफेसर के साथ सेवानिवृत्त विषय विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी।
इसके लिए सेवानिवृत्त विशेषज्ञों को एक हजार और सेवारत को 500 सौ रुपये प्रति लेक्चर (व्याख्यान) प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। समाज कल्याण विभाग ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है।
युवाओं को मुफ्त प्रतियोगी क्लास देने की समाज कल्याण विभाग की अभ्युदय योजना के लिए विषय विशेषज्ञों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विभाग जिले में ऐसे विषय विशेषज्ञों की तलाश कर रहा है, जिन्हें प्रतियोगी क्लासेज से संबंधित किसी भी विषय में महारथ हासिल है। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सिविल सेवा क्षेत्र के सेवानिवृत्त महानुभावों को प्राथमिकता दी जा रही है।
योजना में इनकी रुचि बनाए रखने व लंबे समय तक सेवा प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्हें एक हजार रुपये प्रति व्याख्यान प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सेवारत प्रोफेसर भी अपने नियमित कार्य के बाद यदि अभ्युदय कोचिंग के लिए समय निकालते हैं तो उन्हें भी प्रति व्याख्यान 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दिए जाने की व्यवस्था है।
प्रशिक्षु आईएएस भी करा सकेंगे तैयारी
प्रोफेसर के अलावा प्रशासन के उच्च अधिकारी, प्रशिक्षु आईएएस, पीसीएस भी अभ्युदय कोचिंग में अपने व्याख्यान देकर युवाओं की तैयारी में योगदान कर सकते हैं। प्रतियोगी क्लासेज से संबंधित विषयों में दक्ष होने के बाद ही यह अधिकारी सिविल या प्रशासनिक सेवा में आए हैं। इसलिए विभाग का मानना है कि यदि वह समय दे सकेंगे तो युवाओं को उनके अनुभव व तैयारियों का पर्याप्त लाभ मिलेगा।
514 मेधावियों को मिलना है लाभ
अभ्युदय योजना के तहत मुफ्त कोचिंग के पहले सेशन में जिले के 514 मेधावियों को प्रतियोगी परीक्षा की निशुल्क तैयारी कराई जाएगी। इनमें यूपीएससी के लिए 360, नीट में 68, जेईई में 21, एनडीए/सीडीएस के 65 छात्र शामिल हैं। विभाग इनकी काउंसिलिंग कर रहा है। सूची में 130 मेधावी मेरिट के आधार पर चयनित होकर आए हैं। इनमें यूपीएससी में 87, नीट में 29, जेईई में 3 और एनडीए/सीडीएस में 11 छात्र चयनित हुए हैं।
अभ्युदय योजना में सहयोग के लिए सेवानिवृत्त विषय विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी। उन्हें प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था है। इस योजना में कॉलेजों के प्रोफेसर के अलावा सिविल, शिक्षा व प्रशासनिक सेवा क्षेत्र के विषय विशेषज्ञ भी अपना योगदान दे सकते हैं।- राजमती, समाज कल्याण अधिकारी, हरदोई