हरदोई। सरकारी गेहूं खरीद पूरी तरह से धड़ाम हो चुकी है। ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए बाहर से खाद्यान्न आने पर योजना संचालन निर्भर हो गया है।
केंद्र सरकार ने मांग के सापेक्ष पूर्ति करने के लिए पंजाब से रैक भेजने का सिलसिला शुरू करा दिया है। वहीं प्रधानमंत्री गरीब जन कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत राशनकार्ड धारकों के लिए हर माह 9500 एमटी गेहूं का आवंटन बंद कर दिया गया है। ऐसे में कार्डधारकों को अब इस योजना के तहत अगले माह से केवल चावल ही मिलेगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले के 13 नगरीय क्षेत्र में अंत्योदय के 2350 और पात्र गृहस्थी के 76912 कार्ड धारक है। इसी प्रकार 19 ब्लॉक क्षेत्रों में अंत्योदय के 115377 और पात्र गृहस्थी के 585255 कार्डधारक है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन्हें हर माह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 10628 एमटी गेहूं और 7347 एमटी चावल का वितरण किया जाता है। इसी प्रकार पीएमजीकेएवाई के तहत 9456 एमटी गेहूं और 6304 एमटी चावल का वितरण किया जाता है।
आकस्मिक स्टॉक से आपूर्ति की बढ़ी संभावना
स्थानीय स्तर पर गेहूं की खरीद कम होने और मांग अधिक होने के चलते सरकार को बफर गोदाम के आकस्मिक स्टॉक से गेहूं की आपूर्ति करने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। फिलहाल जिले में पीडीएस के लिए बाहर से गेहूं की रैक आ रही हैं।
पंजाब से मिला 32 हजार एमटी गेहूं
जिले में पंजाब से करीब 32 हजार एमटी गेहूं आ चुका है। जिले में हर माह पीडीएस के लिए के लगभग 20 हजार एमटी गेहूं और 13 हजार एमटी चावल की मांग रहती है।
अघोषित रूप से बंद हो चुके है सेंटर
बाजार चढ़ा रहने एवं समर्थन मूल्य के आसपास चलने के कारण जिले में सरकारी खरीद योजना औंधे मुंह गिर चुकी है। शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल रखा है। ऐसे में अधिकांश केंद्र अघोषित रूप से बंदी की कगार पर हैं। ट
जिले में भंडार ग्रह और क्षमता
स्थान क्षमता मैट्रिक टन
हरदोई शहर 50000
हरदोई शहर 15000
पिहानी - 50000
संडीला - 22500
मलिहामऊ - 45000
भदैचा - 8000
क्या है बफर स्टाक
एफसीआई कर्मचारियों के अनुसार बफर स्टॉक का अर्थ खाद्यान्न की अगले तीन से पांच साल तक की मांग के सापेक्ष भंडारण की व्यवस्था से है। सरकार हर क्षेत्र में इस तरह की व्यवस्था रखती है। पंजाब एवं हरियाणा में बफर स्टाक के बड़े भंडारण ग्रह हैं। आवश्यकता पड़ने पर इसका प्रयोग होता है। इसे हमेशा मेनटेन रखा जाता है।
पिछले पांच वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ, जब गेहूं की सरकारी खरीद 1850 एमटी के आसपास सिमटी है। सेंटर 15 जून तक चालू रखने के निर्देश हैं, लेकिन सन्नाटे के चलते हो सकता है कि सेंटर पर कर्मचारी पूरा समय नहीं दे रहे हैं। - अनुराग पांडेय, डिप्टी आरएमओ
पीडीएस के लिए पहले भी पंजाब एवं हरियाणा से खाद्यान्न आता रहा है, लेकिन इस बार सरकारी खरीद न होने के कारण पंजाब से कई रैक आ चुकी हैं। औसतन हर सप्ताह गेहूूं की दो रैक जिले में आ रही हैं। अभी तक लगभग 32 हजार एमटी गेहूं आ चुका है। रैक बफर स्टॉक से आ रही है या अन्य भंडारण ग्रहों से इसकी जानकारी उच्च स्तर से ही हो सकती है। - अमित गर्ग, प्रबंधक, एफसीआई
प्रधानमंत्री गरीब जन कल्याण योजना में गेहूं का आवंटन बंद कर दिया गया है। अगले माह से सिर्फ चावल का वितरण किया जाएगा। - संजय पांडेय, डीएसओ