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यूक्रेन से लौटे तीन छात्रों की ऑनलाइन क्लास शुरू

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फोटो-39- वेणीमाधव इंटर कॉलेज में टीका लगवती छात्रा अनामिका साथ में मौजूद सीएमओ ओपी तिवारी - फोटो : HARDOI
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हरदोई। यूक्रेन से जान बचाकर वतन वापसी करने वाले छात्रों को थोड़ी राहत और मिली है। यूक्रेन के कई मेडिकल यूनिवर्सिटीज ने ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया है।
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ऐसे में अपने कॅरियर को लेकर चिंतित मेडिकल छात्रों को अब पढ़ाई पूरी होने और प्रमाण पत्र प्राप्त होने की उम्मीद बंधने लगी है। हालांकि अभी भी यूक्रेन की कई यूनिवर्सिटी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन नहीं कर रही हैं। ऐसे करीब आधा दर्जन छात्र अभी भी भविष्य को लेकर पशोपेश में हैं।
यूक्रेन से भारत लौटे हरदौलमऊ गांव निवासी मेडिकल छात्र फरहान की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। परिजनों का टूटता विश्वास एक बार फिर से बेटे को डॉक्टर बनता हुआ देख रहा है।
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फरहान ने बताया की टर्नोपील यूनिवर्सिटी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। एमबीबीएस का उसका पांचवां वर्ष है। कोर्स पूरा होने में मात्र तीन ही सेमेस्टर शेष हैं।
रूस और यूक्रेन युद्ध शुरू होने से 28 फरवरी को वह यूक्रेन से वापस घर आ गया था। यूनिवर्सिटी से फोन पर सूचना आई, जिसमें 14 मार्च से ऑनलाइन कोर्स शुरू होने की सूचना मिली। सोमवार को यूनिवर्सिटी ने पढ़ाई शुरू करा दी है। फरहान व उनके परिजनों मे खुशी का माहौल है।
जय व सुमित की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू
संडीला। मेडिकल की पढ़ाई करने गए युवकों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। यहां के जहाज कोठी निवासी जय सक्सेना यूक्रेन की टेरनोपिल नेशनल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
कस्बे के रामप्यारी स्कूल वाली गली निवासी सुमित भी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई इवनो यूनिवर्सिटी में कर रहा है। सुमित की यूनीवर्सिटी ने भी ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। दोनों छात्रों को अब अपने कोर्स और कॅरियर को लेकर थोड़ी राहत मिली है।
प्रत्यक्ष को यूनिवर्सिटी के मेल का इंतजार
पिहानी। यूक्रेन से वापस लौटे पिहानी सीएचसी अधीक्षक के पुत्र प्रत्यक्ष श्रीवास्तव का एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष है। यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन क्लास के लिए ईमेल तो आया था, लेकिन ऑनलाइन क्लास शुरू नहीं हो सकी है। प्रत्यक्ष को विश्वास है कि जल्द ही उसकी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करेगी।
रजिया व नाजिया की पढ़ाई लटकी
संडीला। मलैया गांव निवासी मुसाहब अली की दो बेटियां यूक्रेन के खारकीव यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रही थीं। युद्ध के माहौल से दोनों सुरक्षित घर तो लौट आईं लेकिन कॅरियर पर संकट बरकरार है।
युद्ध के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित खारकीव क्षेत्र होने की वजह से यहां दोबारा कक्षाओं का जल्दी संचालन होने की संभावना कम है। रजिया व नाजिया के पिता मुसाहब अली ने बताया कि अभी तक उनकी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू नहीं हुई है।

फोटो-38- ऑन लाइन पढ़ाई करता फरहान- फोटो : HARDOI

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