नुमाइश चौराहा पर कूड़ेदान में मुंह डाले मवेशी।
- फोटो : HARDOI
हरदोई। लॉकडाउन के दौरान होटलों से लेकर ढाबों तक में ताला पड़ा हुआ है। जिससे छुट्टा मवेशियां का भी पेट नहीं भर पा रहा है। हालांकि एक संगठन के कार्यकर्ता सुबह शाम मवेशियों को चारा वितरित करने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन छुट्टा मवेशियों की संख्या अधिक होने के कारण यह पर्याप्त नहीं है।
यूं तो छुट्टा मवेशियों के लिए पशु आश्रय स्थल खुले हैं और दावा भी किया जाता है कि सभी छुट्टा मवेशी पशु आश्रय स्थलों में हैं, लेकिन लखनऊ रोड पर घूमते छुट्टा मवेशी सरकारी दावों की पोल खोल देते हैं। कोरोना वायरस से उपजे संकट के बीच छुट्टा मवेशियों को खाने का खासा संकट हो गया है। आम दिनों में कभी घरों से बचने वाला खाना छुट्टा मवेशियों का पेट भर देता था तो कभी होटलों और ढाबों के बाहर भी इन मवेशियों को खाना मिल जाता था। अब आलम यह है कि कूड़ेदानों में खाने-पीने की सामग्री होने की उम्मीद में छुट्टा मवेशी इन्हीं में बार-बार देखते हैं लेकिन वहां भी खाना नहीं मिल पाता। इससे इतर सुरभि गोसेवा समिति के कार्यकर्ता एक डीसीएम से हरा चारा व भूसा लेकर निकलते हैं और शहर में अलग-अलग स्थानों पर छुट्टा मवेशी दिखने पर उन्हें चारा डाल देते हैं।