हरदोई। राज्य कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए अनुबंधित सरकारी व निजी संस्थानों में कार्पस फंड बनाया जाएगा।
इस फंड में सरकार चिकित्सा के लिए अग्रिम धनराशि देगी। कर्मचारी के इलाज के बाद अस्पताल उसके इलाज पर हुए व्यय का ब्योरा उपलब्ध कराकर इस फंड से धनराशि प्राप्त कर सकेंगे।
अस्पताल के लिए निर्धारित फंड की राशि 50 फीसदी खर्च होने के बाद अस्पताल उपयोगिता प्रमाण पत्र दाखिल कर फंड दोबारा प्राप्त कर सकेंगे।
पं.दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत राज्य कर्मचारियों, सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों और उनके आश्रितों को तुरंत इलाज देने के लिए कार्पस फंड की व्यवस्था की गई है।
यह फंड अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग होगा। जिन अस्पतालों में गंभीर रोगों की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है वहां का फंड ज्यादा होगा।
जहां सामान्य इलाज की व्यवस्था है वहां के लिए फंड कम होगा। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग में इसके लिए 200 करोड़ का कार्पस फंड बनाया गया है। इसी फंड से चिकित्सीय संस्थानों को अग्रिम फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
आयुष्मान भारत में अनुबंधित अस्पताल देंगे सुविधा
कैशलेस चिकित्सा की सुविधा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में अनुबंधित सभी अस्पतालों में उपलब्ध होगी। इसके लिए राज्य कर्मचारियों का स्टेट हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। हेल्थ कार्ड दिखाकर राज्य कर्मचारी इन अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा प्राप्त कर सकेंगे।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था बनी रहेगी
वर्तमान व्यवस्था में लागू चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था के समानांतर जारी रहेगी। कर्मचारियों को यह अतिरिक्त विकल्प दिया जाएगा। वह किसी भी अनुबंधित अस्पताल से इलाज कराने के बाद उसकी प्रतिपूर्ति प्राप्त कर सकते हैं। ओपीडी उपचार के लिए प्रतिपूर्ति व्यवस्था भी राज्य कर्मचारियों को पहले की ही तरह मिलेगी।
वर्जन
कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने के लिए अभी शासन से यहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी मांगी गई है। इसी आधार पर कार्पस फंड उपलब्ध कराया जाएगा। - डॉ. वाणी गुप्ता, प्रधानाचार्या, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, हरदोई