हरदोई। कोरोना संक्रमण काल में कारागार के हालात भी कम चिंताजनक नहीं है। क्षमता से दोगुने से भी अधिक बंदी इस समय जिला कारागार में बंद है।
कारागार प्रशासन कहीं न कहीं सूझबूझ व एहतियात से जिला कारागार कोरोना संक्रमण से बचा हुआ है, लेकिन जेल प्रशासन के लिए क्षमता से अधिक 2000 बंदी इन हालात में एक चुनौती की तरह है।
जिला जेल में वर्तमान समय में स्वीकृत क्षमता के सापेक्ष दोगुने से अधिक बंदी निरुद्ध चल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में इन बंदियों को संक्रमण से बचाना कारागार प्रशासन के लिए कम चुनौतीपूर्ण नहीं है।
कोरोना की दूसरी लहर ने इस बार कारागार को भी चपेट में ले लिया था। बीते दिनों में कई बंदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिन्हें उचित इलाज मुहैया कराया गया।
जिला कारागार में 763 बंदियों की क्षमता है लेकिन इस समय करीब 2000 से अधिक बंदी यहां निरुद्ध हैं। इनमें पुरुष बंदियों के साथ ही करीब 100 महिला बंदी भी हैं। इन महिला बंदियों के साथ कुछ छोटे बच्चे भी कारागार में ही अपनी मां के साथ रहे हैं।
नियमित काढ़े का सेवन कर रहे बंदी
कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर भी जेल प्रशासन ने कई तैयारियां की हैं। कारागार प्रशासन के अनुसार इस समय सभी बंदियों को नियमित रूप से काढ़े का सेवन कराया जा रहा है। बंदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच हो रही है।
कारागार के भीतर मास्क को लगाना अनिवार्य किया गया है। प्रवेश द्वार पर सभी आगंतुकों का सैनिटाइजेशन किया जाता है। बंदियों के बचाव के लिए ही सभी प्रकार की बंदियों की मुलाकात भी बंद चल रही है।
चिकित्सकों की राय पर आवश्यक दवाइयां एवं विटामिन आदि बंदियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। एक बैरक को विशेष तौर पर एल-1 की सुविधा युक्त बनाया गया है। किसी भी बंदी में कोई भी लक्षण दिखने पर उसे तुरंत अन्य बंदियों से अलग कर दिया जाता व तत्काल उसकी सैंपलिंग भी कराई जाती है।
28 पैरोल पर तो 87 अंतरिम जमानत पर छोड़े गए
कोरोना संक्रमण के कारण बीते दिनों शासन के निर्देश पर कुल 28 सिद्धदोष बंदियों को पैरोल पर तथा न्यायालय के आदेश पर कुल 87 विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर भी रिहा किया जा चुका है ।
68 बंदी हुए थे कोरोना संक्रमित, दी मात
जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार सिंह के अनुसार कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कुल 68 बंदी कोरोना संक्रमित हुए थे। जिनमें से दो बंदियों को इलाज के लिए एल-टू हॉस्पिटल भेजना पड़ा था।
अब वह सभी पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कोई भी बंदी कोरोना संक्रमित नहीं है। बाकी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी तरह से जेल में कोरोना संक्रमण प्रवेश न कर पाए।