हरदोई। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से बचाव की तैयारियां शुरू हो गई है। जिले में बच्चों के लिए पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) की योजना तैयार होने के बाद अमली जामा पहनाया जाने लगा है।
इसके चलते जिला अस्पताल में पहले से मौजूद पीआईसीयू के अलावा सौ बेड हास्पिटल व ट्रामा सेंटर में भी बच्चों के बेड की व्यवस्था करने की योजना बनाई गई है।
शासन की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग, वहीं जिला स्तर पर स्वास्थ्य महकमे की जिलाधिकारी के साथ रोजाना बैठक हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज मिश्रा ने बताया कि अभी तक जो योजना बनाई गई है।
उसमें जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 10 बेड के पीआईसीयू में जरूरत पड़ने पर और बेड बढ़ाने की भी तैयारी की गई है। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल में 12 बेड की क्षमता की एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) है।
जहां एक माह तक के बच्चों का इलाज हो सकेगा। इसके अलावा मेडिकल कालेज के अधीन 50 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। इसमें लखनऊ रोड स्थित सौ बेड हास्पिटल में 30 बेड व ट्रामा सेंटर में 20 बेड की व्यवस्था की योजना बनी है। इस पर कार्य शुरू किया जा रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञों को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा
कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों पर स्वास्थ्य विभाग ने राम शुरू कर दिया है। शासन के निर्देश पर जिला स्तर पर बाल रोग विशेषज्ञों की एक तकनीकी टीम गठित की गई है, जिसे लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्यमणि त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार मिश्रा, चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार, स्टाफ नर्स गरिमा पाल व नर्स नीतू मिश्रा को नामित किया गया है।
इन्हें 31 मई से लखनऊ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान जिले का स्वास्थ्य महकमा तीसरी लहर में किन किन परिस्थितियों से गुजर सकता है। बाल रोग विशेषज्ञों की इसमें क्या भूमिका होगी, इसको लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। यह टीम जिले में आकर समय-समय पर अन्य बाल विशेषज्ञों व स्टाफ को प्रशिक्षित करती रहेगी।