शहर की जामा मस्जिद में नमाज अदा कर दुआ मांगते नमाजी। संवाद
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ुहरदोई। सुन्नते इब्राहीमी की अदायगी का पर्व ईदुल अजहा पूरी अकीदत और एतराम के साथ बुधवार को जिले भर में मनाया गया। मस्जिदों में देश में अमन चैन के लिए दुआएं की गई। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते मस्जिदों में सिर्फ छह से सात लोगों को ही नमाज अदा करने की अनुमति रही।
शहर की जामा मस्जिद में नमाज से पहले मुफ्ती आफताब आलम ने कहा कि देश में इस्लाम अमन कायम रखने का पैगाम देता है। हमें इस्लामी तालीमात पर अमल करते हुए देश-दुनिया के अमन को कायम रखने में सहयोग करना चाहिए। नमाज के बाद निर्धारित संख्या में मौजूद नमाजियों ने देश में अमन चैन कायम रहने और देश की तरक्की व कोरोना संक्रमण को समाप्त करने के लिए दुआएं कीं। कोरोना अलर्ट को लेकर शहर की ईदगाह में इस बार नमाज नहीं पढ़ाई गई। जामा मस्जिद में सिर्फ पांच से सात लोगों को ही नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई। जिसके चलते इमामत मुफ्ती आफताब आलम मजाहरी ने नमाज पढ़ाई। इस दौरान अंजुमन इस्लामियां सदर मोहम्मद खालिद, हफीज अहमद खां, फहीद अहमद, रफीक अहमद, मो. फाजिल ने नमाज अदा की। ईदगाह में नमाज के बाद नगर पालिका चेयरमैन सुख सागर मिश्रा मधुर, ईओ रविशंकर शुक्ल ने सभी को मुबारकबाद दी।
सुबह से ही सुरक्षा घेरे में रही जामा मस्जिद
हरदोई। बकरीद पर कोरोना अलर्ट की गाइड लाइन का पालन कराने के लिए जामा मस्जिद के बाहर प्रशासनिक सहित पुलिस अधिकारी भी वहां पर मौजूद रहे। एसडीएम सदर दीक्षा जैन, एडीशनल पूर्वी अनिल कुमार, सीओ सिटी विकास जायसवाल, सिटी मजिस्ट्रेट जंग बहादुर यादव, एलआईयू इंस्पेक्टर श्रीश शर्मा मौजूद रहे।