हरियावां (हरदोई)। उतरा गांव में शनिवार शाम बुखार से पीड़ित दो महिलाओं समेत एक ने दम तोड़ दिया। लगातार तीन लोगों के मौत होने के बाद से गांव के लोगों ने बुखार को लेकर दहशत है। गांव में 36 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना कि सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है।
क्षेत्र के उतरा गांव में बुखार तेजी से फैल रहा है। पिछले कुछ दिनों के अंदर गांव के दर्जनों लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। शनिवार की शाम बुखार से तबीयत बिगड़ने के बाद गांव की रामकली (50) की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि रामकली पांच दिन से बुखार से पीड़ित थीं। गांव निवासी मैनादेवी (52) भी पिछले एक सप्ताह से बुखार से परेशान चल रही थीं। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। इससे गांव निवासी मुंशी (60) के परिजनों ने बताया कि पांच दिन पहले ही मुंशी कोरोना का टीका लगवाकर आया था। उसके बाद से उसे बुखार आ रहा था। बताया कि शनिवार की दोपहर अचानक तेज बुखार आया और शाम को उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 36 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। निवर्तमान प्रधान मुन्नी देवी ने बताया कि उन्होंने सीएचसी अधीक्षक अखिलेश वाजपेयी से बात की थी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सीएचसी प्रभारी प्रभारी अखिलेश वाजपेयी ने बताया कि गांव में लोगों के बुखार से पीड़ित होने की सूचना मिली है, स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा जा रहा है।